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Gehun Rakhne Ka Tarika: खेतों में गेहूं कट रहा है, बहुत जगह कट भी चुका है. ऐसे में अब गेहूं को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है. इस बार बेमौसम बारिश से भी दिक्कत बढ़ गई है. ऐसे में गेहूं को सुरक्षित रखने का दादी-नानी के जमाने का नुस्खा कारगर साबित हो रहा है. जानें
Agri Tips: गेहूं हर घर की जरूरत है. साल भर इसका इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में गेहूं को सुरक्षित रखना भी जरूरी है, लेकिन देखा जाता है कि जरा सी लापरवाही कुंतलों गेहूं को एक झटके में खराब कर सकती है. गेहूं में घुन लग जाता है. ऐसा इसलिए कि हम साल भर के लिए जो भी गेहूं रखते हैं या तो वह नमी वाली जगह में रख देते हैं या फिर रखने के बाद ध्यान नहीं देते. कुछ लोग विदेशी उपाय करते हैं, जो अक्सर धोखा दे जाते हैं. ऐसे में अगर आप लंबे समय तक गेहूं को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हम आपको बेहद आसान उपाय बताते हैं. इसमें आपको एक रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं.
गेहूं खराब होने की तीन स्थिति
सबसे पहले जानते हैं कि गेहूं किस वजह से कैसे खराब होता है. अगर गेहूं ज्यादा नमी में रखा है तो सड़कर काला पड़ जाता है. दूसरा सिंपल तरीके से गेहूं रखने पर उसमें घुन लग जाता है. गेहूं खोखला होने लगता है. कीड़े इसको खा जाते हैं. तीसरा इसमें टीलुला हो जाते हैं जो अंदर ही अंदर गेहूं को खा जाते हैं. फिर ये कीड़े पूरे घर में जगह-जगह फैलने लगते हैं.
दादी ने बताया अचूक उपाय
ग्रामीण क्षेत्रों में या यूं कहें बुंदेलखंड अंचल में जो गेहूं को सुरक्षित रखने का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है, वह है नीम की पत्तियां. नीम की पत्तियों को अगर साबुन के साथ गेहूं में डाल दिया जाए तो फिर यह अचूक उपाय हो जाता है. सागर के सानौधा में रहने वाली 70 वर्षीय दादी द्रोपदी बाई बताती हैं कि गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए नीम की पत्तियों के साथ साबुन को रखना सबसे आसान और सबसे अच्छा उपाय है. इसको हम लोग बरसों से अपना रहे हैं.
ऐसे रखना है एक-एक बोरी
आगे बताया, पेड़ से नीम की पत्तियां तोड़ते हैं. सबसे पहले जो गेहूं भरने वाली बोरी होती है, उसके नीचे डाल देते हैं. फिर कुछ पत्तियां गेहूं भरने के बाद बीच में और फिर जब पूरी बोरी भर जाती है तो ऊपर कुछ पत्तियां और साबुन डाल देते हैं. इससे गेहूं सुरक्षित रखा रहता है, जितनी भी बोरियां भरनी हैं, इसी तरह से उसमें नीम की पत्ती और एक-एक साबुन डालते जाते हैं. फिर बोरी को घर की ऐसी जगह पर रखते हैं, जहां पर नमी न हो. न ही बोरी को हवा लगे. जैसे जैसे जरूरत पड़ती है, एक-एक बोरी निकलते जाते हैं. इस्तेमाल करते समय बोरी में से नीम की पत्तियां और साबुन निकाल कर अलग कर देते हैं. गेहूं का उपयोग कर लेते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें