डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में राजस्व विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक ली। इस दौरान डिंडौरी, शहपुरा और बजाग तहसील के 31 पटवारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और पीएम किसान ई-केवाईसी जैसे 19 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रगति की जांच की गई। अपर कलेक्टर जेपी यादव और सभी तहसीलों के एसडीएम इस अवसर पर मौजूद रहे। राजस्व संग्रहण में हासिल किया 65 प्रतिशत लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक ने बताया कि राजस्व मामलों में डिंडौरी जिला प्रदेश में समग्र रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। जिले के लिए कुल 4 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अब तक 2 करोड़ 72 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है। यह कुल लक्ष्य का 65 प्रतिशत है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में भी जिला प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों की रैंकिंग जारी समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिला नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में प्रदेश में छठे और बंटवारा मामलों में आठवें स्थान पर है। वहीं राजस्व संग्रहण की श्रेणी में जिला 12वें स्थान पर रहा। कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित प्रकरणों, भू-अभिलेख सुधार और साइबर तहसील पटवारी रिपोर्ट की तामिली को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को भू-अर्जन और मुआवजा राशि वितरण में तेजी लाने को कहा। पंचायत भवनों में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुलझाने के निर्देश कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने पटवारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से पंचायत भवनों में बैठें और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करें। उन्होंने पटवारियों की भूमिका को सामाजिक बताते हुए गांव में पानी की समस्या के निराकरण और सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने में सक्रिय भागीदारी निभाने पर जोर दिया। बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
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