ईस्टर-संडे पर प्रभु यीशु हुए दोबारा जीवित: चर्च में लोगों ने मनाई खुशी, फादर ने कहा- ये जीवन की जीत का संदेश – Balaghat (Madhya Pradesh) News

ईस्टर-संडे पर प्रभु यीशु हुए दोबारा जीवित:  चर्च में लोगों ने मनाई खुशी, फादर ने कहा- ये जीवन की जीत का संदेश – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट में रविवार, 5 अप्रैल को मसीही समाज ने ईस्टर-संडे का पर्व मनाया। यह दिन प्रभु यीशु मसीह के दोबारा जीवित होने की खुशी में ‘हैप्पी ईस्टर’ के रूप में मनाया जाता है। ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार, करीब दो हजार साल पहले प्रभु यीशु ने मानवता के भले के लिए अपना बलिदान दिया था, जिसे ‘गुड फ्राइडे’ के रूप में याद किया जाता है। मान्यता है कि बलिदान के तीसरे दिन यानी रविवार को वे फिर से जीवित हो उठे थे। फादर सुरेश कुमार ने बताया कि यह दिन मृत्यु पर जीवन की जीत का संदेश देता है। चर्चों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ईस्टर के मौके पर मुख्यालय स्थित कैथोलिक और मेथोडिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। सुबह से ही समाज के लोग चर्च पहुंचे, जहां उन्होंने विशेष प्रार्थना की और एक-दूसरे को गले लगकर बधाई दी। इस दौरान प्रभु यीशु की महिमा का गुणगान करते हुए कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रेम के संदेश की विजय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोम के शासकों ने ईसा मसीह की लोकप्रियता से डरकर उन पर राजद्रोह का झूठा आरोप लगाया और उन्हें मृत्युदंड दिया था। लेकिन अनुयायियों का अटूट विश्वास है कि प्रभु यीशु ने मौत को हराकर दोबारा जन्म लिया। इसी विश्वास के साथ हर साल ईस्टर का त्योहार नई उम्मीद और खुशी के साथ मनाया जाता है।



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