दर्शन करने जा रहे मैहर? इन 2 जगहों पर निःशुल्क भोजन, यहां पर तो रहना भी फ्री

दर्शन करने जा रहे मैहर? इन 2 जगहों पर निःशुल्क भोजन, यहां पर तो रहना भी फ्री


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Satna News: रोपवे मार्ग के अलावा गायत्री मंदिर के पास भी ‘माई की रसोई’ चल रही है. यहां भक्तों को बिना प्याज-लहसुन के 11 प्रकार के व्यंजनों वाला भोजन पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है.

सतना. मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गई है. हर दिन हजारों की संख्या में पहुंचने वाले भक्तों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भोजन और ठहरने की होती है लेकिन अब यहां ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं, जहां श्रद्धालुओं को न केवल निशुल्क भोजन मिल रहा है बल्कि रहने की सुविधा भी उपलब्ध है. खास बात यह है कि यह सेवा पूरी तरह से सेवा भाव से संचालित की जा रही है. मैहर में रोपवे कंपाउंड मार्ग पर संचालित सेवा केंद्र में रोजाना 5 से 10 हजार श्रद्धालु निशुल्क भोजन ग्रहण कर रहे हैं. यह व्यवस्था श्री गुरु कार्षिण मां शारदा सेवा संस्थान द्वारा संचालित की जा रही है.

संस्थान के सेवादार सुशील द्विवेदी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यहां सुबह 7 बजे से लेकर देर रात तक लगातार खिचड़ी वितरण किया जाता है ताकि किसी भी श्रद्धालु को भूखा न रहना पड़े. त्योहारों और खास अवसरों पर इसका लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 20 हजार तक पहुंच जाती है.

‘माई की रसोई’ में मिलता 11 व्यंजनों का प्रसाद
रोपवे मार्ग के अलावा गायत्री मंदिर के पास भी ‘माई की रसोई’ का संचालन किया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं को बिना प्याज-लहसुन के 11 प्रकार के व्यंजनों वाला भोजन पूरी तरह निशुल्क दिया जाता है. यह सेवा सुबह से रात 11 बजे तक लगातार जारी रहती है, जिससे दूरदराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

निशुल्क ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा ठहरने की भी व्यवस्था की गई है. गायत्री मंदिर के पास एसडीएम बंगले के सामने स्थित माई के रसोई परिसर में मुफ्त आवास की सुविधा दी जा रही है. हालांकि यहां रुकने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 10 दिन पहले से बुकिंग करानी होती है. यह सुविधा उन परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जो दूर से आकर एक-दो दिन रुककर आराम से दर्शन करना चाहते हैं.

सेवा भाव से चल रही व्यवस्था
इस सेवा कार्य की शुरुआत तब के मंदिर के पुजारी बमबम महाराज के मार्गदर्शन से 25 सितंबर 2019 को सेवा परमो धर्म के उद्देश्य के साथ की गई थी. संस्थान के अध्यक्ष धीरज पांडे के नेतृत्व में यह व्यवस्था लगातार विस्तार ले रही है. यहां कई सेवादार निःस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं जबकि कुछ कर्मचारी वेतन पर भी कार्यरत हैं ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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