मैहर के अमरपाटन सिविल अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। उल्टी-दस्त से पीड़ित 6 वर्षीय बच्चे को दो महीने पहले एक्सपायर हो चुकी दवा दे दी गई। परिजनों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, करौंदी चपना निवासी संदीप साकेत अपने 6 वर्षीय पुत्र समीर साकेत को इलाज के लिए अमरपाटन सिविल अस्पताल लाए थे। डॉक्टरों ने पर्चे पर दवा लिखी और ओपीडी से लेने को कहा। दवा लेने के बाद संदीप ने देखा कि रैपर पर एक्सपायरी डेट मिटाने की कोशिश की गई थी। शक होने पर उन्होंने मोबाइल से दवा के कोड को गूगल पर स्कैन किया। जांच में पता चला कि दवा फरवरी 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी थी, जबकि वर्तमान समय अप्रैल 2026 है। जब संदीप एक्सपायरी दवा लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचे, तो उन्हें लापरवाही भरा रवैया देखने को मिला। संदीप का आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर और अस्पताल प्रभारी डॉ. हिमांशु पांडेय ने इसे हल्के में लेते हुए कहा, “इस दवा को फेंक दो, हम दूसरी दे देते हैं।” अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से नाराज होकर संदीप साकेत ने सीएम हेल्पलाइन 181 और कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दवा वितरण की गुणवत्ता और फार्मासिस्ट की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यदि पिता ने समय रहते दवा की तारीख की जांच नहीं की होती, तो बच्चे के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था।
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