उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने रविवार को प्रशासनिक संकुल में समीक्षा बैठक की और शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पूर्व अनुभवों के आधार पर योजना बनाने के नि
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बैठक के दौरान डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ 2016 में पदस्थ रहे अधिकारियों के अनुभवों का लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा तैयार किए गए प्रशासनिक नोट्स का अध्ययन कर भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की बेहतर योजना बनाई जाए, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए।
अपर मुख्य सचिव ने अस्थाई प्रकृति के कार्यों की योजना को व्यवस्थित बनाने पर विशेष बल दिया, क्योंकि पूरे मेले का संचालन इन्हीं पर निर्भर करेगा। संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने बैठक में स्थाई कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और अस्थाई व तात्कालिक कार्यों की संभावित कार्ययोजना भी बताई। डॉ. राजौरा ने सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों की स्पष्ट समय-सीमा तय कर अगली बैठक में योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने उज्जैन शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का लिया जायजा।
भूखी माता ब्रिज दिसंबर 2026 तक होगा तैयार
बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने अधिकारियों के साथ शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंगारेश्वर मंदिर के पास शिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का जायजा लिया, जहां कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कार्तिक मेला ग्राउंड से नई खेड़ी तक बन रहे 2.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया।
उन्होंने भूखी माता ब्रिज के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा, जबकि कनेक्टिविटी रोड जनवरी 2027 तक तैयार हो जाएगी। गेल चौराहे से शांति नगर के बीच सड़क चौड़ीकरण कार्य की प्रगति पर भी उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
निर्माण कार्यों की तेज गति देखकर अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की सराहना की।

बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने अधिकारियों के साथ शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने रविवार को प्रशासनिक संकुल में समीक्षा बैठक की।