80 साल के रामफल शर्मा कभी नहीं पड़े बीमार, डाइट सुन चकरा जाएगा सिर

80 साल के रामफल शर्मा कभी नहीं पड़े बीमार, डाइट सुन चकरा जाएगा सिर


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Chhatarpur News: रामफल शर्मा ने लोकल 18 से कहा कि वह 80 साल के हो गए हैं लेकिन आज तक कभी बीमार नहीं पड़े. उन्हें किसी भी तरह की बीमारी नहीं हुई है. वह बिल्कुल स्वस्थ हैं.

छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के 80 वर्षीय रामफल शर्मा को सभी पहलवान के नाम से जानते हैं. कहते हैं कि वह जिस शादी में पहुंच जाते थे, घरवाले भी टेंशन में आ जाते थे. उस समय पंगत बिठाकर लोगों को खिलाया जाता था. जब रामफल खाते थे, तो उनकी भूख एक पंगत में नहीं मिटती थी. जब 4 से 5 पंगत निपट जाती थीं, तब वह अपनी पंगत से उठते थे क्योंकि एक बार की खुराक में वह 35 पूरी और बूंदी के 25 लड्डू खा लेते थे. इसके अलावा वह एक बार में एक किलो दूध और तीन किलो सतुआ घोलकर पी जाते थे. हालांकि आज एक बार में वह लगभग 6 रोटियां ही खा पाते हैं लेकिन आज भी रामफल निरोगी हैं. उन्हें किसी भी तरह की बीमारी नहीं है.

रामफल शर्मा लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि वह पहले पहलवान थे. उन्होंने 40 साल तक पहलवानी की है. उस समय मेहनत भी करते थे, तो खुराक भी बहुत होती थी. पहलवान रामफल बताते हैं कि वह खुद एक बार में 35 पूरी खा लेते थे. उस समय पूरियां नहीं सुहारी बनती थीं, जो बड़ी और मोटी होती थीं. साथ ही एक बार में 25 लड्डू खा लेते थे. शादी-विवाह में बूंदी के लड्डू ही बनते थे. आज के युवा बूंदी के पांच लड्डू भी नहीं खा पाएंगे.

गांव में किसी की नहीं थी इतनी खुराक
वह आगे बताते हैं कि जब वह पहलवानी करते थे, तो घी-रोटी खाते थे. दूध भी पीते थे. ड्राईफ्रूट्स नहीं मिलते थे लेकिन जो हमारे आसपास मिलता था, वही खूब खाते थे. गर्मियों में तो एक बार में तीन किलो सितुआ एक किलो शक्कर के साथ खा जाते थे. रामफल बताते हैं कि गांव में जितनी उनकी खुराक थी, इतनी किसी भी व्यक्ति की नहीं थी. वह जिस शादी में पहुंच जाते थे, तो वह यही सोच में पड़ जाते थे कि अब तो 10 लोगों का भोजन पहलवान पंडित जी खा जाएंगे. पहले नीचे बैठकर पंगत में खिलाने की परंपरा थी, तो एक बार की पंगत में ही खाना पड़ता था लेकिन जब पंगत से लोग उठने लगते, तो मजबूरन उठना ही पड़ता. हालांकि अब वह एक बार में 6 रोटी ही खा पाते हैं लेकिन दूध पीने के शौकीन हैं.

जीवन में कभी बीमार नहीं पड़े
रामफल बताते हैं कि उन्होंने 40 साल पहलवानी की है लेकिन वह ज्यादा दूर नहीं गए. आसपास के जिलों में ही पहलवानी करने जाते थे. यूपी के महोबा जिले में भी कुश्ती के लिए जाते थे. वह 80 साल के हो गए हैं लेकिन आज तक कभी बीमार नहीं पड़े. उन्हें किसी भी तरह की बीमारी नहीं हुई है. वह निरोगी हैं और बिल्कुल स्वस्थ रहते हैं. हालांकि कभी बुखार आ जाता था लेकिन वैसी कोई बीमारी नहीं हुई.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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