MLA संजय पाठक ने किया ‘मध्यवर्ती चुनाव’ का ऐलान! कहा.. लोगों ने ‘न’ की तो दे देंगे इस्तीफा

MLA संजय पाठक ने किया ‘मध्यवर्ती चुनाव’ का ऐलान! कहा.. लोगों ने ‘न’ की तो दे देंगे इस्तीफा


Last Updated:

MLA Sanjay Pathak News: बता दें पूर्वमंत्री व विधायक संजय पाठक विधानसभा चुनाव से पहले जून 2023 में जनादेश करा चुके हैं. चुनाव के पहले कराए गए सर्वे को तब जनादेश का नाम दिया गया था. तब परिणाम उनके पक्ष में आने के बाद ही उन्होंने चुनाव लड़ा था. वैसे ही कुछ अब फिर करने जा रहे हैं…

Zoom

विधायक संजय पाठक.

Katni News: मध्य प्रदेश के दिग्गज विधायकों में शुमार संजय सत्येंद्र पाठक एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने भरे मंच से ऐसी घोषणा की कि सब हैरान रह गए. दरअसल, संजय पाठक ने विधायकी क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता का मूल्यांकन करने की घोषणा कर दी है. ढाई वर्ष विधायकी का कार्यकाल पूरा होने पर संजय पाठक मध्यवर्ती चुनाव की तर्ज पर जनादेश के जरिए क्षेत्र में अपना मूल्यांकन कराने जा रहे हैं.

उन्होंने मंच से घोषणा की कि जनादेश में 51 फीसदी से कम वोट मिलने पर वह इस्तीफा दे देंगे. वे इसके पहले भी 2023 में विधानसभा चुनाव के पहले जनादेश करा चुके हैं. कटनी के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मंच से घोषणा की कि मध्यवर्ती चुनाव की तर्ज पर वह ढाई वर्ष में जनता के बीच जाकर जनादेश कराएंगे. विधायक ने यह घोषणा नगर परिषद कैमोर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की.

मई-जून में जाएंगे घर-घर!
आगे कहा, विधायक बने 2 साल से ऊपर हो गया. ऐसे में उनके मन में आया कि चेक किया जाए कि उनको विधायक बने रहना चाहिए या नहीं? कहा, जनादेश की तरह ही कोई नया सूत्र निकालेंगे और देखेंगे हमारे ढाई वर्ष के कार्यकाल को जनता कितने नंबर देती है. अगर जनता हमको 51% से ऊपर नंबर देगी तो विधायक रहे आएंगे, नहीं तो इस्तीफा देकर घर बैठ जाएंगे. हो सकता है कि मई-जून में जनता के द्वार जाकर वे खुद को क्रॉस चेक करेंगे, घर-घर, दरवाजे-दरवाजे जाएंगे और पूछेंगे, हम आपकी सेवा के योग्य हैं या नहीं? इस पद पर बने रहने योग्य हैं या नहीं? विधायक बना रहा हूं कि छोड़ दूं?

चुनाव से पहले कराया था सर्वे
बता दें पूर्वमंत्री व विधायक संजय पाठक विधानसभा चुनाव से पहले जून 2023 में जनादेश करा चुके हैं. चुनाव के पहले कराए गए सर्वे को तब जनादेश का नाम दिया गया था. चार दिन चली वोटिंग प्रक्रिया के बाद वोटों की गिनती होकर घोषित परिणाम में 75 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने संजय पाठक के चुनाव लड़ने के पक्ष में वोट दिया था.

तब मिले थे इतने वोट
चुनाव आयोग की तर्ज पर मतगणना के लिए 66 टेबल में 215 लोग लगे रहे, जिनमे 290 पेटी की गणना पूर्ण की गई. विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख तैतीस हजार मतदाता हैं, जिनमें से एक लाख सैंतीस हजार पचपन वोट डाले गए. इसमें 75 फीसदी से अधिक एक लाख तीन हजार 203 मतदाताओं ने संजय पाठक के चुनाव लड़ने के पक्ष में वोट दिया. इसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ा. विधानसभा चुनाव में भी उन्हें 1 लाख के आसपास वोट मिले थे.

विधायक का विवादों से पुराना नाता
विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक किसी न किसी वजह से आए दिन सुर्खियों में रहते हैं. विवादों से भी उनका पुराना नाता है. सहारा जमीन घोटाला, एक्सिस माइनिंग और 443 करोड़ का जुर्माना मामला, हाईकोर्ट जज को फोन करने पर आपराधिक अवमानना का आदेश आदि मामले उनके गले की हड्डी बने हुए हैं. संजय पाठक द्वारा ढाई वर्ष के कार्यकाल का मूल्यांकन सर्वे कराए जाने की घोषणा से नई मुश्किल खड़ी होगी या राहें आसान होंगी, यह तो समय बताएगा. हालांकि, इस घोषणा की पूरे प्रदेश में चर्चा है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link