बेंगलुरु ने सुरक्षित यातायात की दिशा में बढ़ाया कदम: सुरक्षा रीलोडेड का संदेश

बेंगलुरु ने सुरक्षित यातायात की दिशा में बढ़ाया कदम: सुरक्षा रीलोडेड का संदेश


कई शहरों में दमदार शुरुआत के बाद, सुरक्षा रीलोडेड कॉन्सर्ट 27 मार्च 2026 को बेंगलुरु पहुँचा. इस कार्यक्रम ने सड़क सुरक्षा अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया, जो श्री नितिन गडकरी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI की एक पहल है. इस कॉन्सर्ट में नेतृत्वकर्ताओं, नीति निर्माताओं के मार्गदर्शन, रचनात्मक प्रस्तुतियों और सार्थक चर्चाओं के जरिए सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार की अहमियत बताई गई.

इस कार्यक्रम में अभिनेता, उद्यमी और रेसिंग टीम के मालिक अककिनेनी नागा चैतन्य शामिल हुए. उन्होंने ड्राइविंग को लेकर एक समझदारी भरा दृष्टिकोण और अपने विचार मंच पर रखे . उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें तेज रफ्तार गाड़ियों का शौक है, लेकिन सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ी चलाना जिम्मेदारी का काम है. उन्होंने युवाओं से कहा कि तेज रफ्तार का मजा सिर्फ रेसिंग ट्रैक पर ही लेना चाहिए, सड़क पर नहीं. सड़क पर हर व्यक्ति अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है. उन्होंने लेन में चलने (लेन डिसिप्लिन) को सड़क सुरक्षा का सबसे जरूरी हिस्सा बताया और कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार रोमांच नहीं, बल्कि खतरा पैदा करती है.

उन्होंने यह भी बताया कि गति की सीमा सुरक्षा को ध्यान में रखकर तय की जाती है, क्योंकि सड़क पर हालात कभी भी बदल सकते हैं. फिल्मों में दिखाए जाने वाले खतरनाक स्टंट कड़ी निगरानी में किए जाते हैं, इसलिए उन्हें असल जिंदगी में दोहराना नहीं चाहिए.

इसके बाद कार्यक्रम में बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमंथ कुमार सिंह और WRI इंडिया के श्रीनिवास अलविल्ली ने चर्चा की. पुलिस आयुक्त ने बताया कि तेजी से बढ़ रही ई-कॉमर्स डिलीवरी के दबाव के कारण कई डिलीवरी राइडर फुटपाथ का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को खतरा होता है. उन्होंने कहा कि इस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और ट्रांसपोर्ट विभाग के साथ मिलकर समाधान निकाला जा रहा है.

उन्होंने नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने की समस्या पर भी चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों में माता-पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों के अंदर गाड़ियों के प्रवेश की व्यवस्था करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ट्रैफिक कम हो और बच्चों की सुरक्षा बढ़े.

इसके आगे, निबास अलावल ने “सुरक्षा 75” पहल के बारे में बताया, जिसमें बेंगलुरु के सबसे खतरनाक 75 चौराहों को सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता और नियमों के साथ-साथ बेहतर सड़क डिजाइन भी जरूरी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सड़कें केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि लोगों के चलने के लिए बनाई जानी चाहिए.

कार्यक्रम के अंत में मनोरंजक प्रस्तुतियों ने माहौल को और खास बना दिया. इंडियन बैंड When Chai Met Toast ने संगीत प्रस्तुति दी. स्टैंड-अप कॉमेडियन नितिन कामथ ने हल्का-फुल्का माहौल बनाया, जबकि रोशन के प्रोडक्शंस के प्रतिध्वनि आर्ट स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने गहरा संदेश दिया. हर दिन की उलझन, परेशानियां और पैदा होने वाले हालातों के जरिए इस नाटक ने सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया.

बेंगलुरु में आयोजित सुरक्षा रीलोडेड कार्यक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि सुरक्षित सड़कें केवल नियमों से नहीं, बल्कि सड़क पर निभाई जाने वाली हमारी जिम्मेदारियों और सोच में बदलाव से बनती हैं.



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