भोपाल में बीपीएल राशन कार्ड बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एमपी नगर एसडीएम एलके खरे के कार्यकाल में तीन महीने (जनवरी से मार्च) में 100 से ज्यादा बीपीएल कार्ड बनाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में अपात्र लोग शामिल हैं। जिन लोगों को बीपीएल कार्ड दिए गए, उनमें कलेक्ट्रेट का क्लर्क, नगरीय प्रशासन मुख्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर और ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जिनके पास फ्लैट, पक्का मकान, कार और दोपहिया वाहन हैं। इनकी आय 40 से 50 हजार रुपए प्रतिमाह तक है। डीबी स्टार की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई मामलों में दिए गए पते गलत या भ्रामक निकले। एक मामले में जिस पते पर बीपीएल कार्ड बना, वहां मौके पर खाली प्लॉट मिला। इससे साफ है कि या तो सर्वे हुआ ही नहीं या रिकॉर्ड में जानबूझकर हेरफेर कर अपात्रों को पात्र बनाया गया। आरोप है कि एक-एक कार्ड के बदले 5 से 15 हजार रुपए तक लिए गए। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह बोले- कोई भी बीपीएल राशन कार्ड गलत बनाए गए हैं तो इनकी जांच कराई जाएगी।
केस 3: जिस मकान का मालिक ही नहीं, उसी का पता
कोलार के वरुण नगर निवासी दयाराम गुर्जर का बीपीएल कार्ड बना, लेकिन जांच में पता चला कि वह मकान उनके चाचा का था। यह मकान 2014 में दिलीप पंजवानी खरीद चुके हैं। अब वहां वही अपने परिवार के साथ रहते हैं केस 4: 45 हजार आय वाला परिवार भी बीपीएल
बागसेवनिया अमराई निवासी सीमा सोनी का बीपीएल कार्ड बना। उनके पास दो मंजिला पक्का मकान है। पति की सैलरी 20 हजार रुपए है। बेटी (जिम ट्रेनर) की सैलरी 25 हजार रुपए प्रति माह है। केस 5: सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी भी शामिल
यूनिक परिसर बर्फानी धाम निवासी अमरनाथ मोरे का बीपीएल कार्ड बना। नगरीय प्रशासन मुख्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर (12 हजार रु./माह) हैं। दो मंजिला मकान (2008 में बना, मां के नाम) है। मां को 3000 रुपए पेंशन मिलती है। सबसे बड़ा सवाल
क्या बीपीएल कार्ड से पहले सर्वे हुआ ही नहीं?
अगर हुआ, तो इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे छूट गई?
दूसरे एसडीएम क्षेत्र के लोगों के कार्ड कैसे मंजूर हो गए? एमपी नगर एसडीएम क्षेत्र
वार्ड 56: गौतम नगर, विकास नगर, कैलाश नगर झुग्गी
वार्ड 57: गोविंदपुरा, अन्ना नगर, शांति निकेतन
वार्ड 58: ए सेक्टर गोविंदपुरा, आजाद नगर
वार्ड 59: बरखेड़ा, विजय मार्केट, अवधपुरी, राजीव नगर
वार्ड 60: खजूरी कला, तुलसी नगर, शिव नगर
वार्ड 61: पिपलानी, राम नगर, रतना नगर कलेक्ट्रेट में क्लर्क, मल्टी में फ्लैट, फिर भी बीपीएल कोलार रोड स्थित सिद्धार्थ टावर (F-103) के पते पर स्वाती टांडेकर का बीपीएल कार्ड बना। उनके पति शैलेंद्र टांडेकर कलेक्ट्रेट में क्लर्क हैं। परिवार ने करीब ढाई साल पहले मल्टी फ्लैट खरीदा है। उनके पास कार और दोपहिया वाहन भी है। जिस पते पर बीपीएल कार्ड बना, वहां बस खाली प्लॉट श्रीराम कॉलोनी (मकान नंबर 169) के पते पर मधु रजक का बीपीएल कार्ड बना, लेकिन मौके पर खाली प्लॉट मिला। परिवार असल में पेबलबे के फ्लैट में रहता है। पति शिवचरण रजक कॉलोनी गेट पर कपड़ों पर प्रेस करते हैं। ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा: वार्ड बदलकर बना दिए कार्ड
जिन लोगों के कार्ड बनाए गए, वे वार्ड क्रमांक 52, 53, 55, 81 और 83 में रहते हैं, जो कोलार क्षेत्र में आते हैं। उनके कार्ड एमपी नगर एसडीएम कार्यालय से बनाए गए। इसके लिए आधार कार्ड में दर्ज पता तो वही रखा गया, लेकिन वार्ड नंबर बदलकर 56 दर्ज कर दिया गया। एमपी नगर एसडीएम एलके खरे बोले- मेरे अब तक के कार्यकाल में 50 से 60 बीपीएल राशनकार्ड बने होंगे, जो पात्र लोगों के बनाए हैं। अगर गलत कार्ड बनाए गए हैं तो सर्वे समेत बनाने वाले कर्मचारियों और बनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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