ओलावृष्टि से बचाने वाला छतरपुर का ‘रक्षक परिवार’! आज भी निभ रहा 100 साल पुराना

ओलावृष्टि से बचाने वाला छतरपुर का ‘रक्षक परिवार’! आज भी निभ रहा 100 साल पुराना


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Unique village tradition : छतरपुर जिले के किसान भाइयों को एक परिवार को आज भी हर साल अनाज देना होता है. चाहे छोटा किसान हो या बड़ा अनाज सबको देना होता है. दरअसल, जिले में एक ऐसा शख्स था जो अपनी विद्या से अनावश्यक ओलावृष्टि को किसानों के खेत में नहीं गिरने देता था. आइए जानते हैं अजब-गजब किस्सा…

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Ajab Gajab : छतरपुर जिले में आज भी किसान भाइयों को हर साल चैत्र महीने में अनाज देना होता है. ये अनाज जिले के चौरसिया परिवार को देना होता है. जानकारी के मुताबिक चौरसिया परिवार के एक व्यक्ति ने किसान भाईयों की फसल को ओले से बचाया था. इसके एवज में किसान भाइयों ने अनाज देने का वादा किया था. आज चौरसिया परिवार की तीसरी पीढ़ी को भी अनाज दिया जाता है. जानेंगे रोचक कहानी

किसान कालीचरण सोनी लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि हमारे जिले में चौरसिया समाज का एक ऐसा भी शख्स था जो ऐसी विद्या जानता था जिससे वह अनावश्यक ओलावृष्टि किसान भाइयों के खेतों में नहीं गिरने देते थे बल्कि वह अपने ही खेतों या नदी में ओला डाल देते थे.

अपने मंत्र से सभी ओले अपने खेत में गिरा लिए
कालीचरण बताते हैं कि एक किस्सा आपको बताते हैं- आज से 100 साल पहले हमारे जिले के महाराजपुर के एक चौरसिया थे जोअपनी विद्या से बारिश और ओला गिरने का संकेत बता देते थे. एक बार वह तीर्थस्थल में थे. उनके साथ में हमारे क्षेत्र के लोग भी साथ में थे तो उन्होंने बता दिया कि इस क्षेत्र में ओला गिरने वाले हैं. फिर लोगों ने विनती की हमारी फसलें खराब हो जाएंगी. तब उन्होंने अपने मंत्र से सभी ओले अपने खेत में गिरा लिए.

मंत्रो से किसानों की फसलों को ओलावृष्टि से बचा लेते
हालांकि, इससे उनके खेत की फसलें बर्बाद हो जाती थीं लेकिन गांव के सभी छोटे-बड़े किसान भाई इसके एवज में अनाज देते थे.‌ जब भी उनको ओलावृष्टि के संकेत मिलते तो वह अपने खेत या नदी में इन ओला को गिरा लेते थे. इसके बाद चौरसिया परिवार के बेटे भी विद्या जानते थे तो वह भी अपने मंत्रो से किसानों की फसलों को ओलावृष्टि से बचा लेते थे. आज भी उनके नाति अपनी विद्या और मंत्रो का उच्चारण करके हमारी फसलों को ओलावृष्टि से बचाते हैं. इसलिए आज भी लवकुश नगर और गौरिहार तहसील के गांवों के किसान भाई हर साल चैत्र महीने में अनाज देते हैं. किसान बताते हैं कि हाल ही में मध्यप्रदेश में ओला गिरे हैं लेकिन हमारे गांवों में आज भी ओला नहीं गिरते हैं.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें



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