छिंदवाड़ा में मर्सी हॉस्पिटल में लगा ताला: मरीज शिफ्ट, सुधार के बाद ही खुलेगा अस्पताल, CMHO ने जारी किया है पत्र – Chhindwara News

छिंदवाड़ा में मर्सी हॉस्पिटल में लगा ताला:  मरीज शिफ्ट, सुधार के बाद ही खुलेगा अस्पताल, CMHO ने जारी किया है पत्र – Chhindwara News




छिंदवाड़ा: शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खजरी रोड स्थित मर्सी हॉस्पिटल (अम्मा अस्पताल) का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह सख्त कदम मरीज स्वर्गीय श्रीमती साक्षी शर्मा के उपचार में लापरवाही की शिकायत की विस्तृत जांच के बाद उठाया गया है। आज सोमवार को अस्पताल को पूरी तरह बंद कर दिया गया और वहां भर्ती सभी मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया। शिकायत के बाद बनी जांच टीम मामले में विशाल शर्मा द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल और ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने दो सदस्यीय जांच दल गठित किया। इस दल में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. धीरज दवंडे और जिला चिकित्सालय की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता पाठक को शामिल किया गया। जांच में सामने आई गंभीर स्थिति जांच के दौरान सामने आया कि 25 वर्षीय साक्षी शर्मा गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित थीं और 8 दिसंबर 2025 से उनका उपचार चल रहा था। अल्ट्रासाउंड में पॉलीहाइड्रामिनियोस की स्थिति पाई गई थी, जिससे गर्भावस्था पहले से ही हाई रिस्क मानी जा रही थी। 15 दिसंबर को मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया, भ्रूण की हलचल कम हो गई और लीकिंग की समस्या सामने आई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इसके बाद 17 दिसंबर की रात को मरीज की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सीजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसमें बच्चे का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज को ब्लड चढ़ाने की सलाह दी गई थी। इलाज में भारी लापरवाही उजागर जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे अहम बात यह रही कि अस्पताल में मरीज की निगरानी के लिए कोई भी RMO (रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर) या इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर मौजूद नहीं था। पूरी जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ के भरोसे थी। तड़के करीब 5 बजे जब मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी, तब एनेस्थीसिया विशेषज्ञ को बुलाया गया और इसके बाद मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके अलावा अस्पताल में ICU सुविधा का अभाव और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। नियमों का उल्लंघन, तत्काल बंद करने के आदेश जांच में पाई गई कमियों को मध्यप्रदेश उपचर्यागृह एवं रुजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम 1973 एवं संशोधित नियम 2021 का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए। मरीजों को शिफ्ट, नई भर्ती पर रोक विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पूरी तरह बंद रहेगी। साथ ही पहले से भर्ती मरीजों को 3 दिनों के भीतर अन्य अस्पतालों या जिला चिकित्सालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे।
अपडेट के अनुसार, सोमवार को सभी मरीजों को सुरक्षित अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है। सुधार कार्य में जुटा अस्पताल प्रबंधन सीएमएचओ द्वारा जारी नोटिस में जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें दूर करने के लिए अस्पताल प्रबंधन अब सुधार कार्य में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही अस्पताल को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी। चेतावनी: नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालित पाया गया, तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



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