शिवपुरी नगर पालिका में पिछले साल “बगीचा सरकार” की कसम से शुरू हुआ विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को अध्यक्ष गायत्री शर्मा के विरोध में 12 पार्षद भोपाल पहुंचे। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर अध्यक्ष को हटाने की मांग की। पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनका आरोप है कि अध्यक्ष पार्षदों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं, जिससे वार्डों में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि इन गतिविधियों से शिवपुरी में भाजपा की छवि धूमिल हो रही है। 12 पार्षदों ने इस्तीफे भी सौंपे
मुलाकात के दौरान सभी 12 पार्षदों ने अपने इस्तीफे भी प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिए। इस पर हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि चूंकि वे पहली बार उनके पास आए हैं, इसलिए संगठनात्मक स्तर पर पूरे मामले की जांच की जाएगी और 10 दिन के भीतर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। भोपाल पहुंचने वाले पार्षदों में ओम प्रकाश जैन (वार्ड 5), विजय बिंदास (वार्ड 20), राजा यादव (वार्ड 17), रीना कुलदीप शर्मा (वार्ड 18), रघुराज उर्फ राजू गुर्जर (वार्ड 21), रितु डिंपल जैन (वार्ड 9), प्रतिभा गोपी शर्मा (वार्ड 10), सरोज धाकड़ (वार्ड 12), नीलम बघेल (वार्ड 11), मीना पंकज शर्मा (वार्ड 31), गौरव बंसल (वार्ड 37) और तारा राठौर (वार्ड 28) शामिल हैं। नपाध्यक्ष को हटाने कसम खाई थी
उल्लेखनीय है कि 11 जून 2025 को इन्हीं पार्षदों ने करेरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में अध्यक्ष को हर हाल में हटाने की कसम खाई थी। इसके बाद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन आवश्यक संख्या बल नहीं जुट पाने के कारण यह सफल नहीं हो सका। अविश्वास प्रस्ताव विफल होने के बाद, अपनी कसम निभाने के दबाव में 28 अगस्त 2025 को लगभग 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि, ये इस्तीफे तत्काल स्वीकार नहीं किए गए और बाद में यह मामला शांत पड़ गया था। अब एक बार फिर उन्हीं पार्षदों के भोपाल पहुंचने से यह पुराना विवाद फिर से गरमाता दिख रहा है।
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