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भोपाल के बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है. इससे लोगों में डर का माहौल है. प्रशासन ने 1000 से ज्यादा अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए हैं. इनमें मकान, मैरिज गार्डन और रिसॉर्ट शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेश पर की जा रही है.
भोपाल में चलेगा बुलडोजर (फाइल फोटो)
शिवकांत आचार्य/भोपाल. भोपाल के बड़ा तालाब यानी भोज वेटलैंड के कैचमेंट एरिया में इन दिनों लाल निशान लोगों के लिए डर की वजह बन गए हैं. प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए जगह-जगह चिन्हांकन कर रहा है. प्रशासन दावा कर रहा है कि हाईकोर्ट और एनजीटी के सख्त आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन आम लोगों को का आरोप है कि अचानक नोटिस देकर बेघर होने की नौबत आ गई है.
भोपाल के बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज कर दी है. इसके लिए अवैध निर्माणों को चिन्हित करने लाल निशान लगाए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक इस इलाके में 1000 से ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें मैरिज गार्डन, रिसॉर्ट और पक्के मकान शामिल हैं. स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कार्रवाई एकतरफा हो रही है. जहां एक तरफ बड़े और रसूखदार लोगों के निर्माण जस के तस खड़े हैं,वहीं सालों से रह रहे आम लोगों को अचानक नोटिस थमा दिए गए हैं.
छुट्टियां होने के कारण रोका गया था अभियान
प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के तहत की जा रही है. बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाया जा रहा है. भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का कहना है कि बीच में छुट्टियां होने की वजह से अभियान रोक दिया गया था. अब हमने फिर से वह हम अभियान चला रहे हैं. हर सब एरिया डिवीजन में अलग-अलग स्थान है. अलग-अलग कैचमेंट में एंक्रोचमेंट को हमने चिन्हित किया है जिसको हम हटाने का काम कर रहे हैं
लोगों में डर का माहौल
भोपाल के बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में प्रशासन ने लाल निशान लगाकर अतिक्रमण चिन्हित किए हैं. लेकिन यहां रहने वाले लोगों में डर का माहौल है. उनका कहना है कि बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना के उन्हें हटाया जा रहा है, जबकि बड़े अवैध निर्माणों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस कार्रवाई को कितना निष्पक्ष और मानवीय बना पाता है.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें