निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) हेमंत गुप्ता को सस्पेंड करने का प्रस्ताव दिया। मामला पृथ्वीपुर तहसील के वीरसागर नहर में कागजों पर हुए ‘फर्जी’ गहरीकरण से जुड़ा है। मंत्री कुशवाह निवाड़ी के एक दिवसीय दौरे पर थे। दोपहर 4 बजे जब वे विभागों की समीक्षा बैठक ले रहे थे, तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लुहरगुवां पंचायत के वीरसागर नहर में धांधली की शिकायत की। कार्यपालन यंत्री हेमंत गुप्ता लगातार दावा कर रहे थे कि गहरीकरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि हकीकत इसके उलट थी। मौके पर पहुंचे मंत्री, यंत्री की बोलती बंद शिकायत और अधिकारी के दावों में फर्क देख मंत्री ने तुरंत मौके पर जाने का फैसला किया। शाम करीब 5:15 बजे जैसे ही वे नहर पहुंचे, यंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो गया। वहां गहरीकरण का कोई काम नहीं हुआ था। सच्चाई सामने आते ही मंत्री का पारा चढ़ गया और उन्होंने सभी के सामने यंत्री को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने लगाई क्लास: “क्या सबको बेवकूफ समझ रखा है?” मंत्री कुशवाह ने सख्त लहजे में कहा, “कलेक्टर और हमें कुछ नहीं समझ रहे, अपनी अक्कल लगाए जा रहे हो। क्या बेवकूफ समझ रहे हो सबको? मध्यप्रदेश का पूरा विभाग तुम ही चला रहे हो क्या? किसी चीज की सीमा होती है।” जब मंत्री ने काम दिखाने को कहा, तो यंत्री बगलें झांकने लगे और कोई जवाब नहीं दे पाए। तत्काल निलंबन के निर्देश लापरवाही और गलत जानकारी देने पर मंत्री ने मौके पर ही मौजूद कलेक्टर जमुना भिड़े को यंत्री हेमंत गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सागर संभागायुक्त को अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन के लिए पत्र भेज दिया गया है। इस दौरान विधायक अनिल जैन, एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना समेत कई अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब कागजों में काम दिखाने वाले अफसरों की खैर नहीं होगी।
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