शाजापुर में भारतीय किसान संघ ने दोपहर 2 बजे बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान पहले कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्रित हुए और वहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने सीएम के नाम शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन दिया, जिसमें कृषि और आर्थिक समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की गई। गेहूं खरीदी की तिथि बार-बार बढ़ाने पर नाराजगी
ज्ञापन में किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीखों में बार-बार बदलाव किए जाने पर ऐतराज जताया है। किसानों का कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही गेहूं खरीदी की सीमा 11 क्विंटल प्रति बीघा निर्धारित करने और मंडियों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है। डिफाल्टर हो रहे किसानों के लिए राहत की मांग भारतीय किसान संघ ने रेखांकित किया कि सहकारी बैंकों की ‘ड्यू डेट’ न बढ़ाए जाने के कारण किसानों पर ब्याज और दंड का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इस तकनीकी कारण से बड़ी संख्या में किसान डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए हैं। किसानों ने ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों का बीमा क्लेम और मुआवजा राशि जल्द जारी करने की अपील की है। पराली जलाने पर दर्ज एफआईआर का विरोध किसानों ने पराली जलाने के मामले में प्रशासन द्वारा की जा रही एफआईआर की कार्रवाई को अनुचित बताया है। संघ की मांग है कि जब तक पराली निपटान का कोई स्थायी तकनीकी समाधान सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई रोकी जाए। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग भी की गई है। समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी संगठन ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो भारतीय किसान संघ उग्र आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है।
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