डिंडोरी में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में मेहदवानी जनपद पंचायत के सकरी टोला और घनगोरा टोला से ग्रामीण महिलाएं पानी के बर्तन लेकर पहुंचीं। उन्होंने नाले के पानी का नमूना दिखाते हुए अपनी समस्या बताई। इस दौरान लगभग 80 आवेदकों ने विभिन्न शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें वेतन और जमीन संबंधी मामले भी शामिल थे। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अधिकारियों को जल संकट का हाल जानने के लिए तत्काल प्रभावित गांवों का दौरा करने के निर्देश दिए। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पीने के पानी के लिए चार किलोमीटर दूर नर्मदा नदी तक जाना पड़ता है। जरुगुड़ा ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम घनगोरा की निवासी माला बाई ने बताया कि उनके गांव की लगभग 200 की आबादी है और वहां तीन हैंडपंप बंद पड़े हैं। गांव में नल-जल योजना भी नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण चार किलोमीटर दूर नर्मदा नदी से पानी लाते हैं, जिसका उपयोग पीने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए किया जाता है। इसी तरह, चौबीसा ग्राम पंचायत के सकरी टोला की बालवती नामक महिला ने भी जल संकट की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 200 की आबादी वाले उनके गांव में भी पानी की गंभीर समस्या है। पंचायत अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें जनसुनवाई में आना पड़ा। एक अन्य शिकायत में, देव लाल नंदा ने बताया कि ओम पारस मेन पावर सर्विस भोपाल द्वारा जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्सिंग के तहत नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर, मल्टी स्किल्ड वर्कर स्टाफ और वार्ड बॉय को नवंबर 2023 से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों के भरण-पोषण में गंभीर समस्या आ रही है। शहपुरा निवासी आशीष गिरी ने एक शिकायत में बताया कि शारदा राय पिता चरण राय के नाम पर शक्ति भगदू गांव में 2.840 हेक्टेयर में पत्थर की खदान स्वीकृत है, जबकि उनकी रेत की खदान चंदिया, शहडोल में स्थित है। आरोप है कि ई-टीपी में पिट पास जारी करते समय स्थान बदलकर गिट्टी की रॉयल्टी पर रेत का परिवहन किया जा रहा है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
Source link