Last Updated:
Burhanpur News: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एक ड्राइवर के बेटे ने मेहनत और लगन से सरकारी नौकरी हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है. प्रवीण निकम ने पहली ही कोशिश में पोस्टमैन की नौकरी पाई और आज 3 साल से सेवा दे रहे हैं. उनके पिता संतोष निकम ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत की और सपना पूरा होते देखा. यह कहानी संघर्ष, प्रेरणा और सफलता का बेहतरीन उदाहरण है. अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह स्टोरी आपको जरूर मोटिवेट करेगी.
Government Job after 12th: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के शनवारा इलाके के पंचशील नगर में रहने वाले संतोष निकम की कहानी आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है. पेशे से ड्राइवर संतोष ने अपनी जिंदगी में भले ही ज्यादा पढ़ाई न की हो, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी.
पिता ने संघर्ष किया, बेटे ने सपना पूरा किया
संतोष निकम दूसरों के यहां ड्राइवरी करके परिवार चलाते थे. उनका एक ही सपना था अपने तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा देना. उन्होंने सीमित आय के बावजूद बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया और हर संभव कोशिश की कि उन्हें किसी चीज की कमी न हो.
12वीं के बाद ही पकड़ लिया मौका
उनके बेटे प्रवीण ने 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद पोस्टमैन की भर्ती के लिए आवेदन किया. पिता के संघर्ष को देखकर प्रवीण ने ठान लिया था कि उसे कुछ बड़ा करना है. उसने मेहनत की और सबसे खास बात पहली ही कोशिश में उसका चयन हो गया.
अब 3 साल से कर रहे सेवा
आज प्रवीण बुरहानपुर के बड़े पोस्ट ऑफिस में पिछले 3 सालों से पोस्टमैन के पद पर कार्यरत हैं. वह न सिर्फ अपनी नौकरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं, बल्कि अपने छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई में भी सहयोग कर रहे हैं.
संघर्ष से मिली असली प्रेरणा
प्रवीण बताते हैं कि उन्होंने अपने पिता को दिन-रात मेहनत करते देखा है.
वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली कि जब पिता इतनी मेहनत कर रहे हैं, तो उन्हें भी पढ़ाई में पूरी मेहनत करनी चाहिए. हर वैकेंसी के लिए आवेदन किया और आखिरकार सफलता मिल ही गई.
पिता का गर्व और संदेश
संतोष निकम कहते हैं कि वे खुद सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा चाहा कि उनके बच्चे उनसे आगे बढ़ें. आज बेटे की सफलता से उनका सपना पूरा हो गया है. वे अन्य माता-पिता को भी यही सलाह देते हैं कि बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और उन्हें सही रास्ता दिखाएं. यह कहानी बताती है कि अगर परिवार का साथ और खुद की मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता. छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं बस हौसला होना चाहिए.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें