मध्य प्रदेश के अमरावती से अजीबोगरीब मामला सामने आया है जब एक व्यक्ति मौत का प्रमाण-पत्र जारी होने और शव का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद एक दिन अचानक जिंदा लौट आया. इससे परिवार में तो खुशी का माहौल पैदा हो गया लेकिन पुलिस प्रशासन और इलाके में सनसनी फैल गई कि उइके वापस आ गया तो जिसका अंतिम संस्कार किया गया था वह शख्स कौन था.
बता दें कि मध्य प्रदेश के बेतुल जिले का 45 वर्षीय ओजुलाल जगरू उइके नामक व्यक्ति के अचानक मृत्यु से लौटने से इलाके में खुशी और हड़कंप दोनों मच गए.
बता दें कि 29 मार्च 2026 को अमरावती जिले के वरुड़ तहसील के बासखेड़ा गांव में एक नाले से आधा जला हुआ शव बरामद हुआ था. शव के पास मिले व्यक्तिगत सामान जूते, चेन, स्टील का तंबाकू का डिब्बा और अंगूठी को देखकर उइके की पत्नी और बेटे ने शव की पहचान अपने पति और पिता के रूप में कर दी.परिवार ने पूरी औपचारिकताओं के साथ उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया. पुलिस ने मामले को हत्या का मानते हुए जांच शुरू कर दी थी और शव को जला दिए जाने का अंदेशा जताया था.
पुलिस ने शव की जानकारी वरुड़ पुलिस स्टेशन से विभिन्न जिलों में भेजी थी.उइके पिछले दीवाली से ही घर से लापता थे.परिवार ने बताया कि वह पहले भी कई बार बिना बताए घर छोड़कर चले जाते थे, इसलिए शुरुआत में परिवार ने ज्यादा चिंता नहीं की लेकिन जब पुलिस अलर्ट पर सामान की तस्वीरें देखीं तो परिवार ने शव की पहचान कर ली और अंतिम संस्कार पूरा कर लिया.
इसी बीच 7 अप्रैल को अचानक ओजुलाल जगरू उइके खुद जिंदा-जागता पुलिस के सामने पहुंच गए. उन्होंने बताया कि वे कई महीनों से अलग-अलग जगहों पर घूम रहे थे और घर नहीं लौटे थे. आधा जला शव किसी और व्यक्ति का था, जिसकी गलत पहचान हो गई.
पुलिस रह गई सन्न
पुलिस के सामने जैसे ही उइके पहुंचे सभी कर्मचारी सन्न रह गए. पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्टिंग के आधार पर असली तथ्यों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सामान की पहचान पर परिवार का भरोसा था, इसलिए गलती हो गई. अब असली शव की पहचान करने और हत्या के मामले को सुलझाने की दिशा में काम चल रहा है.’
परिवार में दुख के बीच आई खुशी
यह घटना परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बेहद भावपूर्ण रही. एक ओर वे शोक मना चुके थे, दूसरी ओर अचानक पति-पिता के जीवित लौट आने से खुशी हो गई. स्थानीय स्तर पर यह कहानी ‘मौत से वापसी’ के रूप में चर्चा का विषय बन गई है.
पुलिस बोली सही व्यक्ति की पहचान की जा रही
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उइके पर कोई आपराधिक मामला नहीं है, लेकिन गलत पहचान के कारण हुई कानूनी प्रक्रिया को अब सुधारने की जरूरत है. परिवार ने भी गलती स्वीकार की है और अब सही व्यक्ति की पहचान के लिए पुलिस के साथ सहयोग कर रहा है.