अशोकनगर में शराब दुकानों के ठेकों में अनियमितता और राजस्व हानि के मामले में जिला आबकारी अधिकारी गुरु प्रसाद केवट को निलंबित कर दिया गया है। जिले की 33 में से 6 शराब दुकानों के टेंडर अभी तक नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण सरकार को भारी राजस्व घाटा हुआ है। इस स्थिति के चलते पिछले एक सप्ताह से जिले की कई शराब दुकानें बंद हैं, जिससे राजस्व नुकसान और बढ़ गया है। आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर दो अलग-अलग शिकायतें सामने आई थीं। इनमें से एक शिकायत एडवोकेट मनोज जायसवाल ने और दूसरी एनडीए नेता रामकुमार रघुवंशी ने की थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि टेंडर निलंबित होने के बाद अपनाई गई प्रक्रिया में खामियां थीं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में न तो निर्धारित समय सीमा का पालन किया गया और न ही इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया गया। इन शिकायतों के आधार पर कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पत्र लिखकर अपनाई गई प्रक्रिया को गलत बताया। इसके बाद ही यह कार्रवाई की गई और आबकारी अधिकारी गुरु प्रसाद केवट को निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गुरु प्रसाद केवट के पास गुना जिले का अतिरिक्त प्रभार भी था।
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