Last Updated:
सागर जिले में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. कई इलाकों में 3 से 10 मिनट तक ओले गिरने से गेहूं, चना, प्याज और टमाटर की फसलें बर्बाद हो गईं हैं. किसानों के अनुसार खड़ी फसल को 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है.
सागर. जिले में पिछले दो दिनों से हुई बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है, क्योंकि अभी भी खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है, चना भी कहीं-कहीं लगा हुआ है. वहीं प्याज पर पानी गिरने से इसके सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. सागर जिले के अधिकांश स्थानों पर तूफानी हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हु. इसमें 3 मिनट से लेकर 10 मिनट तक ओले गिरे कहीं चना के आकार के तो कहीं वीर और वाला के आकार के ओले गिरने से फसले तबाह हो गई.
बारिश ने किसानो की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, एक तरफ पहले ही मौसम में उतार चढ़ाव होने की वजह से किसानों का गेहूं पिछले साल की तुलना में इस बार कम एवरेज दे रहा था. ऊपर से जिन किसानों का गेहूं सहित अन्य फसल खेतों में खड़ी हुई है उन पर अब बारिश होने से और भी अधिक नुकसान हो रहा है.
फसल को 50 से 60% तक का नुकसान
बता दें कि खड़ी फसल पर पानी और ओले की बारिश होने से बालियां में भरा अनाज टूटकर खेतों में गिर जाता है, और जो अनाज रह जाता है उसकी चमक फीकी पड़ जाती है. वजन में भी हल्का हो जाता है जो गेहूं की फसल खेत में कटी हुई डाली है उसमें पानी लगने की वजह से वह काला पड़ जाता है, और उसका वजन भी जीरे के जैसा हो जाता है. किसानों की माने तो गेहूं की फसल को 50 से 60% तक का नुकसान हो गया है. अब फसल से लागत का निकलना भी मुश्किल है. अब किसान के पास रोने के सिवाय कोई उपाय नहीं बचा है.
बारिश से फसल को बहुत नुकसान
पिछले 70 सालों से खेती कर रहे वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि वह 5 एकड़ में प्याज की खेती कर रहे हैं और 10 एकड़ में गेहूं लगाए हुए हैं. जानवरों के लिए भूसा की जरूरत है, इसलिए गेहूं की कटाई करवा रहे लेकिन आधे गेहूं की ही अभी कटाई हो पाई है. आधा खेतों में खड़ा है. बारिश होने की वजह से फसल को बहुत नुकसान हो गया है.
सरकार से मदद की अपील
पटकुई के किसान मनोज पाठक ने बताया कि वह टमाटर और गेहूं की खेती इस बार कर रहे थे गेहूं में करीब 20 मिनट तक ओले गिरने से और बारिश होने से वह पूरी तरह से काला पड़ गया है. बर्बाद हो गया है अब तो कोई उसे खरीदेगा भी नहीं. वहीं टमाटर की फसल चौपट हो गई है. मुझे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है. अब सरकार को कुछ मदद करनी चाहिए.
बामोरा के जुम्मन खान ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ खेती है. 5 एकड़ में ही गेहूं लगाया था. मौसम को देखते हुए गेहूं की कटर से कटाई करवाई थी. थ्रेशिंग से पहले ही तूफानी हवाएं चलने से गेहूं खेतों से उड़ा इसके साथ बारिश हुई और ओले गिरने से बहुत नुकसान हो गया है. गेहूं का रंग बदलने से भाव नहीं मिलता है हमारे यहां लगभग 15 मिनट तक ओले गिरे.
किसानों को सताने लगी चिंता
मनोज मौर्य ने बताया कि उनकी एक एकड़ में टमाटर की फसल लगी हुई है अभी उनके लिए इस बारिश से लगभग 50000 का नुकसान हो गया है. हमारे यहां नींबू के बराबर ओला गिरा है जिसकी वजह से पूरा टमाटर टूट कर गिर गया,खराब हो गया. हम लोगों की साल भर में दो फसल ही आती हैं. इन्हीं से पूरा परिवार चलता है. बच्चों को पढ़ाते हैं और अपने सारे काम करते हैं. अगर फसल ही खराब हो गई तो आप साल भर कैसे निकालेंगे कुछ समझ में नहीं आ रहा.
About the Author
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें