खुद की 12 बोर बंदूक गिरने से हुआ था फायर: सागर में गोलीकांड का खुलासा; युवक ने रची थी अज्ञात बाइक सवारों के हमले की झूठी कहानी – Sagar News

खुद की 12 बोर बंदूक गिरने से हुआ था फायर:  सागर में गोलीकांड का खुलासा; युवक ने रची थी अज्ञात बाइक सवारों के हमले की झूठी कहानी – Sagar News




सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में 2 अप्रैल की रात कार सवार युवक को गोली लगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक रामजी राजपूत को किसी अज्ञात हमलावर ने नहीं, बल्कि कार से उतरते समय खुद की 12 बोर की लोड लाइसेंसी बंदूक नीचे गिरने से हाथ में गोली लगी थी। शुरुआत में युवक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात बाइक सवारों द्वारा फायर करने की झूठी कहानी रची थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। वर्तमान में पुलिस ने बंदूक जब्त कर ली है और मामले की आगे की जांच कर रही है। बाथरूम के लिए कार से उतरा था युवक, गिरने से हुआ फायर
पुलिस के अनुसार, 2 अप्रैल की रात नन्हींदेवरी निवासी रामजी (पुत्र जगत सिंह राजपूत) अपने साथी चालक राजकुमार पटेल के साथ कार में सवार होकर नन्हींदेवरी से चांदपुर रहली जा रहा था। रात करीब 11.30 बजे कोपरा (नीम घाटी) के पास वह बाथरूम के लिए रुका और कार से नीचे उतरा। रामजी अपने साथ 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लोड करके रखे हुए था। इसी दौरान बंदूक जमीन पर गिर गई और उससे फायर हो गया। घटना में गोली रामजी के हाथ में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे देवरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस को गुमराह करने रची थी हमले की कहानी
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी कि कार से नीचे उतरने के दौरान किसी अज्ञात बाइक सवार ने उस पर फायर कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनाक्रम की सच्चाई जानने के लिए हाईवे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने फरियादी रामजी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरी वारदात की हकीकत सामने आ गई। टीआई बोले- स्वयं की लाइसेंसी बंदूक से लगी थी गोली
इस मामले में देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि, “मामले की जांच में पुष्टि हुई है कि घायल रामजी को स्वयं की लाइसेंसी बंदूक से गोली लगी थी।” उन्होंने बताया कि बंदूक जब्त कर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, केसली थाना पुलिस से भी बंदूक के संबंध में जानकारी ली गई है, जिसमें पुष्टि हुई है कि बंदूक का लाइसेंस रामजी राजपूत के नाम पर ही दर्ज है।



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