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Bhojshala Idols in London: इंदौर हाईकोर्ट में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद की सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यहां से देवी सरस्वती और अंबा की मूर्तियां मिली थीं, जो अब ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हैं. मामले में पूजा के अधिकार को लेकर बहस चल रही है. ASI के 2003 के आदेश को भी चुनौती दी गई है.
Dhar Bhojshala Update: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर सुनवाई के दौरान एक बड़ा दावा सामने आया है. अदालत को बताया गया कि धार स्थित भोजशाला परिसर से औपनिवेशिक काल में दो हिंदू मूर्तियां मिली थीं.
कौन-कौन सी मूर्तियां मिलीं?
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट को बताया कि यहां से वाग्देवी (माता सरस्वती) और अंबा की मूर्तियां मिली थीं. बताया गया कि ये मूर्तियां फिलहाल ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित रखी गई हैं.
यह मालिकाना हक नहीं, पूजा का अधिकार है
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से कहा गया कि यह मामला जमीन के मालिकाना हक या कब्जे का नहीं है, बल्कि पूजा के अधिकार से जुड़ा है. अधिवक्ता ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक अधिकार सुनिश्चित करना है.
ASI के 2003 के आदेश पर सवाल
याचिका में 7 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जारी आदेश का भी जिक्र किया गया. इस आदेश के तहत शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज और बसंत पंचमी जैसे अवसरों पर हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति दी गई थी. याचिकाकर्ता ने इसे कानूनी रूप से गलत बताते हुए कहा कि बिना स्थल की वास्तविक प्रकृति तय किए यह आदेश जारी किया गया.
अभी जारी है अंतिम सुनवाई
कोर्ट में इस मामले की अंतिम सुनवाई शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला आ सकता है. इस मामले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें