दमोह के सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में बुधवार दोपहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब व्यापारियों ने अनाज की डाक (नीलामी) बंद कर दी। इससे नाराज होकर किसानों ने दमोह-सागर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब 20 मिनट तक चले इस हंगामे के बीच अचानक हुई बारिश ने प्रदर्शन को खत्म करा दिया। मंडी में इन दिनों चना, मसूर और मटर जैसी फसलों की भारी आवक हो रही है। सोमवार को रिकॉर्ड 28,000 क्विंटल अनाज पहुंचने के बाद से ही व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं। बुधवार को मंडी के सभी टीन शेड अनाज से भरे थे और सैकड़ों किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी थी। इसी बीच, व्यापारियों और किसानों में वाहनों को खड़ा करने की बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद व्यापारियों ने नीलामी रोक दी। तीन दिन से इंतजार कर रहे किसानों का गुस्सा डाक बंद होते ही किसानों का सब्र टूट गया और वे नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। चिरौला गांव से आए किसान रविंद्र पटेल ने बताया कि वे तीन दिन से मंडी में अपनी फसल की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन व्यापारी बीच-बीच में डाक बंद कर देते हैं। रौन गांव के किसान गौरीशंकर पटेल ने चेतावनी दी कि यदि खुले में रखे अनाज पर बारिश या ओले गिरते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पुलिस की समझाइश और बारिश का असर जाम की खबर मिलते ही सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की कि डाक दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन किसान सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान आनन-फानन में प्रदर्शन छोड़कर मंडी परिसर की ओर दौड़ पड़े, जिससे जाम अपने आप खुल गया। प्रशासन और मंडी सचिव का पक्ष मंडी के प्रभारी सचिव घनश्याम मुंडा ने बताया कि विवाद किसानों के अनाज के पास ही वाहन खड़े करने की वजह से हुआ था, जिससे व्यापारियों को आवाजाही में दिक्कत हो रही थी। फिलहाल समझौता होने के बाद डाक फिर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को करीब 14,000 क्विंटल अनाज पहुंचा है और लगभग 1,500 किसानों ने नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
Source link