नर्मदापुरम में चना-मसूर खरीदी ठप: 8 दिन बीते, एक दाना नहीं खरीदा; 13265 किसानों का पंजीयन, कांग्रेस का प्रदर्शन – narmadapuram (hoshangabad) News

नर्मदापुरम में चना-मसूर खरीदी ठप:  8 दिन बीते, एक दाना नहीं खरीदा; 13265 किसानों का पंजीयन, कांग्रेस का प्रदर्शन – narmadapuram (hoshangabad) News




मप्र में 31 मार्च से रबी सीजन की फसल चना और मसूर की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन नर्मदापुरम के उपार्जन केंद्रों पर 8 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक चने का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका है। अधूरी तैयारी के बीच खरीदी शुरू होने और ऐन वक्त पर 16 गोदाम स्तरीय केंद्रों को अनाज मंडियों में शिफ्ट करने के फैसले के कारण यह देरी हुई है। इसके चलते मंगलवार से स्लॉट की बुकिंग शुरू हो पाई है। वर्तमान में खरीदी में देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं मंगलवार शाम तक 985 किसान अपना स्लॉट बुक कर चुके हैं। 16 केंद्रों पर नहीं पहुंचे बारदाने और कांटे, 5875 रुपए है MSP शासन ने इस बार चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5875 रुपए निर्धारित किया है। उपार्जन केंद्रों पर चना बेचने के लिए जिले में 13265 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके लिए 24 केंद्र बनाए जाने हैं। शुरुआत में 16 केंद्र गोदाम स्तरीय घोषित किए गए थे, लेकिन इन केंद्रों पर न तो बारदाने पहुंचे और न ही तुलाई कांटे। ऐन वक्त पर फैसला बदलते हुए खरीदी मंडियों में कराने के आदेश हुए। अचानक हुए इस फेरबदल से व्यवस्था पटरी से उतर गई और आनन-फानन में केंद्रों को मंडियों में शिफ्ट किया गया। मंगलवार से स्लॉट की बुकिंग शुरू होने पर शाम तक 985 किसान स्लॉट बुक कर चुके थे। किसान बोले- शाम 5 बजे से दिखने लगा मंडी का ऑप्शन खरीदी में आ रही परेशानी को लेकर किसान कोमल सिंह मीणा का कहना है कि, “मंगलवार से स्लॉट बुकिंग के निर्देश थे। पर मंगलवार दोपहर 3 बजे तक माखननगर तहसील में एक भी केंद्र दर्ज नहीं होना दिखा रहा था। शाम 5 बजे से अनाज मंडी माखननगर का ऑप्शन आने लगा। कहां सेवा सहकारी सोसायटी बागलखेड़ी खरीदी करेगी।” उप संचालक का दावा- किसान मूंग की बोवनी में व्यस्त था कृषि विभाग के उप संचालक रविकांत सिंह खरीदी में देरी का कारण किसानों की व्यस्तता को बता रहे हैं। उनका मानना है कि किसान गेहूं-चना की कटाई और 3 लाख हेक्टेयर में होने वाली मूंग की बोवनी में व्यस्त था। उनका कहना है कि पहले किसान खुद व्यस्त था, अब तेजी से स्लॉट बुक हो रहे हैं। उप संचालक का दावा है कि दो-तीन केंद्रों पर खरीदी भी हो रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट बताई जा रही है। डीएमओ के निर्देश- जहां मंडी स्तरीय खरीदी, वहीं मिलेंगे बारदाने उप संचालक कृषि रविकांत सिंह ने कहा कि, “नॉन के डीएमओ का कहना था कि जहां मंडी स्तरीय खरीदी हो रही, वहीं पर बारदाने देंगे। इसलिए हमने सबसे पहले उन ही केंद्रों को शुरू करा रहे, कहां मंडी स्तरीय खरीदी हुई है।” इधर, चना और गेहूं की उपार्जन खरीदी में हो रही इस लगातार देरी के कारण कांग्रेस पार्टी जिले में जगह-जगह धरना और विरोध प्रदर्शन कर रही है।



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