Last Updated:
Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम की बैठक में ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार करने पर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना खान विवादों में आ गईं. इस घटना से सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं.
Indore News: इंदौर नगर निगम की एक बैठक के दौरान विवादित घटना सामने आई, जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रूबीना खान ने ‘वंदे मातरम’ गाने को गाने से मना कर दिया. यह घटना बैठक के दौरान चर्चा का विषय बनी और अन्य सदस्यों के बीच हलचल पैदा कर दी. पार्षदों के इस कदम के कारण बैठक में वातावरण तनावपूर्ण हो गया. इस मामले को लेकर नगर निगम और राजनीतिक गलियारे में प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं.
कौन हैं फौजिया शेख और रूबीना खान?
फौज़िया शेख इंदौर नगर निगम की कांग्रेस पार्टी से जुड़ी पार्षद हैं, जो अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करती हैं. वे स्थानीय मुद्दों और नगर निगम की बैठकों में एक्टिव रूप से भाग लेती रही हैं. हाल ही में उनका नाम उस समय चर्चा में आया, जब उन्होंने नगर निगम की बैठक के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार कर दिया. उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे धार्मिक मान्यताओं का हवाला दिया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया. इस घटना के चलते नगर निगम की बैठक में हंगामा भी हुआ.
वहीं, रुबीना इकबाल खान इंदौर नगर निगम की कांग्रेस पार्टी से जुड़ी पार्षद हैं. वे नगर निगम के वार्ड नंबर 39 का प्रतिनिधित्व करती हैं और शहर के स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं. वे खजराना क्षेत्र से जुड़ी मानी जाती हैं और नगर निगम की बैठकों, जनसमस्याओं और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाती रही हैं. कई बार वे अपने बयानों की वजह से चर्चा में भी रही हैं, जिसके कारण उन्हें विरोध भी झेलना पड़ा है.
क्या है पूरा मामला?
इंदौर नगर निगम परिषद के बजट सत्र में ‘वंदे मातरम’ को लेकर जमकर हंगामा हुआ. बीजेपी ने कांग्रेस की दो मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया है. बजट सत्र के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल तनावपूर्ण हो गया. इसी बीच कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया. जवाब में बीजेपी पार्षदों ने सदन में जोर-जोर से ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.
स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने कार्रवाई करते हुए फौजिया शेख अलीम को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया.इसके बाद में मीडिया से बातचीत में फौजिया शेख अलीम ने कहा कि संविधान किसी को भी ‘वंदे मातरम’ या ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए बाध्य नहीं करता है. उन्होंने कहा कि संविधान हमें अपनी पसंद के अनुसार अभिव्यक्ति की आजादी देता है, जहां राष्ट्रगान गाना जरूरी है, लेकिन किसी गीत को गाना अनिवार्य नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भारत माता की पूजा करते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करतीं हैं.
About the Author
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें