बड़वानी जिले की अंजड़ नगर परिषद में करोड़ों रुपए के घोटाले पर EOW इंदौर ने गुरुवार को FIR दर्ज की है। पेयजल योजना के तहत हुए वर्ष 2016 में स्वीकृत 12.20 करोड़ रुपए की योजना से जुड़ा है, जिसमें अधूरे कार्य के बावजूद ठेकेदार को पूरा भुगतान करने का आरोप है। यह योजना घरेलू नल कनेक्शन के लिए थी, जिसके तहत 2700 घरों में जल वितरण का लक्ष्य रखा गया था। सोरठिया वेल्जी रत्ना एंड कंपनी को 12,20,08,500 रुपए का ई-टेंडर जारी किया गया था। कार्य को 18 माह में पूरा करना था और समय पर पूरा न होने पर बिल की राशि का 10 प्रतिशत काटने का प्रावधान था। हालांकि, वर्तमान में यह कार्य अधूरा है और कंपनी द्वारा कोई कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके बावजूद, नगर परिषद अंजड़ के तत्कालीन अध्यक्षों, सीएमओ, इंजीनियर और लेखापाल ने बिना किसी कटौती के कंपनी को पूरी राशि का भुगतान कर दिया। रिकॉर्ड में गलत एंट्री जांच में पाया गया कि कार्य के दौरान माप पुस्तिका और कैशबुक में कार्य का विवरण और संबंधित अधिकारी व ठेकेदार के हस्ताक्षर नहीं हैं और गलत प्रविष्टियां की गई हैं। इससे प्रथम दृष्टया शासन को करोड़ों रुपए की हानि हुई है। इनको बनाया आरोपी आरोपियों में तत्कालीन अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार और पुष्पा परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेन्द्र सिंह पवार, अमरदास सैनानी और मायाराम सोलंकी, तत्कालीन इंजीनियर दिनेश पटेल, तत्कालीन लेखापाल हुकुमचंद मालवीय शामिल हैं। इन पर टेंडर कंपनी के प्रोपराइटर परेश सोरठिया और ठेकेदार मिनेश मकवाना के साथ मिलकर शर्तों का उल्लंघन करते हुए 10,20,46,254 रुपए का भुगतान करने का आरोप है। इन धाराओं में केस दर्ज इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी), 13(1)ए के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
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