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Public Opinion: इस साल खरगोन में करीब 1 लाख 67 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई थी. अधिकांश खेतों से कटाई भी पूरी हो चुकी है. प्रशासन ने जिले में गेहूं खरीदी के लिए 34 खरीदी केंद्र बनाए हैं, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी होना है. लेकिन…
Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन में इस साल किसानों की गेहूं की फसल कट चुकी है, लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ने से किसान मंडी में कम भाव पर उपज बेचने को मजबूर हैं. जिले में इस बार 24,550 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है. पहले खरीदी 16 मार्च से शुरू होनी थी, इसके बाद तारीख 1 अप्रैल की गई और फिर बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दी गई. लगातार तारीख बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
75 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य
इस साल जिले में करीब 1 लाख 67 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई थी. अधिकांश खेतों से कटाई भी पूरी हो चुकी है. प्रशासन ने जिले में गेहूं खरीदी के लिए 34 खरीदी केंद्र बनाए हैं, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी होना है. इस बार पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 5 गुना ज्यादा है. इसे देखते हुए प्रशासन ने खरीदी का लक्ष्य भी 5 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 75 हजार मीट्रिक टन कर दिया है.
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
दूसरी ओर किसानों को समिति और बैंक का कर्ज चुकाना है. अगली फसल के लिए खाद-बीज भी खरीदना है. ऐसे में किसानों को तुरंत पैसों की जरूरत है, लेकिन खरीदी शुरू नहीं होने से उनकी उपज घरों और खेतों में पड़ी है. कई किसानों के पास उपज रखने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है. मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण उपज खराब होने का डर भी किसानों को सता रहा है.
कम भाव पर बेचनी पड़ रही उपज
समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं होने से किसान मजबूरी में मंडी में 2100 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं बेच रहे हैं. इससे किसानों को प्रति क्विंटल करीब 400 रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि अगर खरीदी समय पर शुरू हो जाती तो उन्हें राहत मिल सकती थी. अब बारदान की कमी की वजह से 10 अप्रैल से भी खरीदी शुरू होने पर संशय बना है.
किसान बोले, कब तक करें इंतजार
किसान करण सिंह ने बताया, उन्होंने समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराया है, लेकिन पैसों की जरूरत के कारण अब मंडी में गेहूं बेचने आना पड़ रहा है. अगर समय पर खरीदी शुरू हो जाए तो किसानों को राहत मिलेगी. किसान जितेंद्र मालाकार ने बताया कि उन्होंने 8 एकड़ में गेहूं लगाया था और प्रति एकड़ करीब 20 बोरी उत्पादन हुआ है. समिति और बैंक का कर्ज चुकाना है, इसलिए अब कम भाव में भी उपज बेचनी पड़ रही है.
मौसम ने बढ़ाई चिंता
किसान दिनेश ने बताया कि उनका 30 क्विंटल गेहूं तैयार हुआ है. मंडी में 2300 रुपए का भाव मिल रहा है, जबकि समर्थन मूल्य 2625 रुपए है. बारदान की कमी की जानकारी मिल रही है, इसलिए खरीदी समय पर शुरू होगी या नहीं, इसको लेकर संशय बना हुआ है. किसान बाबूलाल ने बताया कि उन्हें पैसों की जरूरत थी, इसलिए 12 क्विंटल गेहूं मंडी में ही बेच दिया. वहीं किसान रमेश का कहना है कि मंडी कभी खुलती है तो कभी बंद रहती है. अगर खरीदी समय पर शुरू हो जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें