घर में निकली ‘लाल बाबा’ चींटियां! छतरपुर में आस्था से जुड़ा अनोखा रहस्य

घर में निकली ‘लाल बाबा’ चींटियां! छतरपुर में आस्था से जुड़ा अनोखा रहस्य


Last Updated:

Ajab Gajab : छतरपुर जिले में गर्मी मौसम में घरों में लाल बड़ी चींटियां निकलने लगती हैं. जिसे लोग आस्था से जोड़ते हैं. लोगों की मान्यता है कि यह अपने किसी उद्देश्य से निकलती हैं. इसलिए इन्हें परेशान नहीं करते हैं. अगर करते हैं तो यह ओर ज्यादा निकलते हैं. अगर गलती से मर गए तो पीछे पड़ जाते हैं. इन्हें क्षेत्रीय भाषा में बाबा भी कहा जाता है. इन्हें भगाने के लिए लो

ख़बरें फटाफट

Ajab Gajab : छतरपुर जिले में गर्मी मौसम में घरों में लाल बड़ी चींटियां निकलने लगती हैं. जिसे लोग आस्था से जोड़ते हैं. लोगों की मान्यता है कि यह अपने किसी उद्देश्य से निकलती हैं. इसलिए इन्हें परेशान डिस्टर्ब नहीं करते हैं. अगर करते हैं तो यह ओर निकलते हैं. अगर गलती से भी मर गए तो पीछे पड़ जाते हैं. इन्हें क्षेत्रीयता भाषा में बाबा भी कहा जाता है. इन्हें भगाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय भी करते हैं. इसके लिए लोग हवन भी करते हैं.

बाबा के नाम से पहचानते लोग 
ग्रामीण कालीचरण सोनी लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि गर्मी मौसम में ज्यादातर निकलते हैं. जमीन के अंदर जब गर्मी ज्यादा पड़ती है और बाहर ठंडक मिलती है तो यह निकलते हैं. गर्मी मौसम में निकलते रहते हैं. अभी 1 अप्रैल से जिले में तापमान बढ़ने से गर्मी होने लगी लेकिन फिर बारिश होने लगी तो मौसम ठंडा होने लगा.‌ जमीन के अंदर गर्मी और बाहर ठंडक होने की वज़ह से यह घरों की कच्ची जमीन में निकल रहे हैं. हमारे यहां क्षेत्रीय भाषा में इन चींटियों को बाबा या वोमुत कहते हैं.

बताते हैं कि घरों में कच्ची जगह ज्यादा निकलते हैं. क्योंकि जमीन के अंदर रहते हैं. ये खुद ही जमीन खोदकर निकलने लगते हैं. जिन घरों में ये लाल चींटियां निकलती हैं वहां इनको मारा नहीं जाता है. मान्यता है कि इनको मारने से यह ज्यादा निकलते हैं. इनमें एकता बहुत होती है. अगर इन्हें पता चला कि हमारा साथी मारा गया तो वह पूरे घर में यहां से वहां घूमते हैं. साथ ही घर के लोगों को काटते भी हैं. इसलिए इन्हें कोई भी व्यक्ति परेशान नहीं करता है.

हवन से मिलती शांति 
वहीं राम-जानकी मंदिर पुजारी  बताते हैं कि जब ये घरों में लगातार निकलते हैं और कई दिनों तक निकलते ही रहते हैं तो फिर इन्हें शांत यानि भगाने के लिए लोग हवन भी करते हैं. मान्यता है कि घी के हवन से इन्हें शांति मिलती है. साथ ही इनके बिलो में कपूर भी डालकर इन्हें भगाया जाता है. लेकिन मारता कोई नहीं है.

मानते हैं शुभ संकेत 
पुजारी बताते हैं कि शादी के दौरान भी यह घरों में निकलते हैं क्योंकि शादी के समय घरों में मिठा-मिष्ठान बनता है. लेकिन गर्मी में होने वाली शादियों में ही निकलते हैं. मान्यता ये भी है कि जिस घर में ये निकलते हैं वहां कुछ शुभ संकेत मिलने वाले हैं. इसलिए लोग इन्हें साकारात्मक सोच के साथ इनके साथ सही व्यवहार करते हैं.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें



Source link