छात्रों की टेंशन खत्म! गलत सवाल पर यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, अब मिलेगा एक्स्ट्रा नंबर

छात्रों की टेंशन खत्म! गलत सवाल पर यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, अब मिलेगा एक्स्ट्रा नंबर


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उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में आयोजित परीक्षा के दौरान एक विवादित प्रश्न पूछा गया था. छात्रों को राहत देते हुए विश्वविद्यालय ने विवादित प्रश्न को मूल्यांकन से हटा दिया है और सभी को उस प्रश्न के बदले एक एक्स्ट्रा मार्क देने का फैसला लिया है, ताकि किसी भी छात्र का परिणाम प्रभावित न हो.

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एग्जाम में विवादित सवाल पर यूनिवर्सिटी का एक्शन

उज्जैन. उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम, बीसीए और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन पेपर में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पेपरसेटर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है. साथ ही छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने सभी परीक्षार्थियों को उस प्रश्न के बदले एक-एक अंक देने का निर्णय लिया है.

दरअसल, 5 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में एक ऐसा प्रश्न पूछा गया, जो निर्धारित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं था. इस प्रश्न में धार्मिक संदर्भ होने के कारण विवाद खड़ा हो गया और विभिन्न संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की. मामला बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत एक जांच समिति का गठन किया.

विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ
बुधवार को परीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विस्तृत चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित प्रश्न पेपरसेटर द्वारा अपने स्तर पर जोड़ा गया था और यह विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ है. समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की. कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक मर्यादा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पाठ्यक्रम से बाहर जाकर या समाज में वैमनस्य फैलाने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

छात्रों को मिलेगा एक्स्ट्रा मार्क
विश्वविद्यालय ने विवादित प्रश्न को मूल्यांकन प्रक्रिया से पूरी तरह हटा दिया है. अब छात्रों का परिणाम बाकी प्रश्नों के आधार पर तैयार किया जाएगा और उस प्रश्न के स्थान पर एक अतिरिक्त अंक जोड़ दिया जाएगा, ताकि किसी भी छात्र के परिणाम पर नकारात्मक असर न पड़े. फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित पेपरसेटर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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