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Morena News: ऑडियो में रेत माफिया कहते हुए सुनाई देता है कि वह व्यक्ति तो खाना पैक करा रहा है. तभी रेंजर ने कहा कि उससे कहना कि शराब का एक हाफ लेता हुआ आए. साथ में एक सिगरेट का पैकेट भी ले आए.
रेंजर दीपक शर्मा पर करप्शन का आरोप है.
रिपोर्ट- अमित शर्मा, मुरैना. मध्य प्रदेश के मुरैना में सिस्टम और रेत माफियाओं के गठजोड़ का बड़ा खुलासा हुआ है. पहचान उजागर न करने की शर्त पर एक रेत माफिया ने खुद इसका खुलासा किया. उसने सबलगढ़ गेम रेंज के रेंजर दीपक शर्मा पर पैसे लेकर चंबल नदी से अवैध रेत निकलवाने के आरोप लगाए. रेत माफिया ने वन विभाग के रेंजर से हुई बातचीत का ऑडियो सामने रखा. ऑडियो में रेंजर दीपक शर्मा रेत माफियाओं से पूछ रहे हैं कि क्या तुम्हारे डंपर ढोढर साइड भर रहे हैं. तभी रेत माफिया ने कहा कि अपनी कोई गाड़ी नहीं भर रही है. इसके बाद रेंजर कहते हैं कि फिर इधर से कौन भर रहा है, इधर किसके डंपर चल रहे हैं. उसके बाद एक और व्यक्ति का नाम लेकर रेंजर ने कहा कि उन्हें थोड़ा जल्दी भेज दो.
ऑडियो में आगे रेत माफिया ने कहा कि वह व्यक्ति तो खाना पैक करा रहा है. तभी रेंजर कहते हैं कि उससे कह देना कि वह एक हाफ ले आए. साथ में एक सिगरेट का पैकेट भी ले आए. उसके बाद रेत माफिया कहता है कि इसे बंद कराओ न साहब. तो रेंजर ने कहा कि फोर्स बुलवाई है, कल बंद कर देंगे.
बस व्यवस्था करके रखना
एक और ऑडियो में रेत माफिया साहब को आने के लिए ऑफर कर रहा है, तभी रेंजर ने कहा कि आज नहीं कल आऊंगा. माफिया उनकी तबीयत पूछते हैं. पूछते हैं कि काम-धंधे की कोई दिक्कत तो नहीं है, तो साहब कहते हैं कि कोई दिक्कत नहीं है, बस तुम तो व्यवस्था करके रखना.
5000 रुपये प्रति डंपर लेने का आरोप
रेत माफिया ने कहा कि शासन-प्रशासन अवैध रेत खनन को बंद कराने के दावे करता है, दूसरी ओर हमें रेंजर साहब खुद बोल रहे हैं कि आप अपनी गाड़ी भर लीजिए. साहब हर डंपर से प्रति चक्कर पांच हजार रुपये लेते हैं.
अवैध खनन रोकने पर वन आरक्षक की हत्या
बताते चलें कि मुरैना के दिमनी थाना क्षेत्र के रामपुर तिराहे के पास वन विभाग के आरक्षक हरिकेश गुर्जर गश्त पर थे. इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि चंबल नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाई जा रही है. जब हरिकेश मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करने की कोशिश की, तो रेत माफियाओं ने उनकी बात मानने के बजाय उनपर ही हमला बोल दिया. आरोप है कि माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे उनके ऊपर चढ़ा दी. इस हमले में वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.