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इंदौर में कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अली और रुबीना इकबाल खान पर ने वंदे मातरम गाने से मना कर दिया. इसके बाद ही इस मुद्दे पर जमकर राजनीति हो रही है. बीजेपी ने जमकर कांग्रेस को कोसा है और कांग्रेस ने इन दोनों पर कार्रवाई करने की पूरी तैयारी भी कर ली है. वहीं इंदौर के लोगों ने लोकल 18 से बात करते हुए इन दोनों पर जमकर अपना गुस्सा निकाला है.
Vande Mataram Controversy Indore: इंदौर नगर निगम में बजट पर चर्चा के दौरान फौजिया शेख अलीम ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को इस्लाम के खिलाफ बताने और इसे गाने से इनकार करने पर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है. इसका असर कांग्रेस में भी देखने को मिल रहा है. हालांकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने फौजिया शेख अलीम कनिष्क करने की तैयारी है, जबकि रुबीना इकबाल पर भी अनुशासन हीनता की कार्रवाई की जाएगी.
फौजिया शेख की पार्षदी रद्द करने की हुई मांग
लोकल 18 ने इस विषय पर जनता का रुख जाना, जब हमने लोगों से बात की तो साफ तौर पर लोगों का कहना था कि उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए. महेश शीते कहते हैं की भारत में संविधान सबसे ऊपर है और धर्म से पहले देश आता है. ऐसे में फौजिया शेख की पार्षदी रद्द की जानी चाहिए वहीं उनपर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए.
बातचीत करते हुए एक युवक ने कहा कि जिस पार्षद ने इस तरह की बात की है. वह साफ तौर पर देशद्रोही है. वंदे मातरम तो देश का गीत है. देश का गीत गाने में किसी को समस्या नहीं होनी चाहिए. इसका इस्लाम से कोई लेना देना नहीं है. नागरिक के लिए देश सबसे पहले होना चाहिए. बाद में अपना धर्म, जो भारत में रहकर पाकिस्तान का गाते हैं. उन्हें हाथ पैर बांधकर गाय के बाड़े में छोड़ देना चाहिए. फौजिया शेख को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.
कांग्रेस और बीजेपी हुए आमने-सामने
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पिंटू चौकसे ने कांग्रेस के हर कार्यक्रम में पहले वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया है. साथ यह भी कहा कि जिसे वंदे मातरम नहीं गाना है वह कार्यक्रम में ना आए. वहीं बीजेपी लगातार इसे लेकर प्रदर्शन कर रही है. थाने में जाकर पार्षद के खिलाफत कार्रवाई की मांग की जा रही है. साथ ही नारे लगवाए जा रहे हैं. देश में रहना है, तो वंदे मातरम कहना होगा.
कार्रवाई किए जाने को लेकर रुबीना इकबाल खान ने साफतौर पर कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी इस मामले में साथ नहीं देती है, तो कांग्रेस भाड़ में जाए. वह तो मुसलमानों को वैसे भी वोट बैंक के लिए इस्तेमाल करती है. वह पहले भी निर्दलीय लड़ कर चुनाव जीत चुकी है. वह चाहें तो AIMIM में भी जा सकती हैं.
कांग्रेस ने दोनों पार्षदों पर कर ली कार्रवाई की तैयारी
कांग्रेस की पार्षद फोजिया शेख ने बजट पर चर्चा के बाद वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था. स्पीकर मुन्ना यादव के कहने पर उन्होंने स्पीकर को ही कह दिया कि ऐसा कौन सा एक्ट है, जिसमें वंदे मातरम गाना अनिवार्य है. उसके बाद हॉल में ही उनका विरोध हो रहा था, जिसे देखते हुए वह सदन छोड़कर चली गईं. इस मामले में रुबीना इकबाल खान ने भी उनका साथ दिया और इस दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर दिया. कांग्रेस ने दोनों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है.