KKR के बल्लेबाज रॉमेन पॉवेल मानते हैं कि पिच 220 रन वाली नहीं थी गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी,खासकर स्लो बॉल से,इसलिए बल्लेबाज़ी आसान नहीं थी. एक कैच/रिव्यू वाले फैसले पर उनका मानना है कि अंपायर दोबारा देख सकते थे, लेकिन वे इसे हार की मुख्य वजह नहीं मानते. डेथ ओवर्स की रणनीति पर वे कहते हैं कि अक्सर बेस्ट गेंदबाज़ को 19वें ओवर के लिए बचाकर रखा जाता है, लेकिन दबाव की स्थिति में कभी-कभी उसे पहले लाना बेहतर होता है. वे मानते हैं कि जब युवा बल्लेबाज़ शॉर्ट गेंदों पर लगातार रन बना रहा था, तो उन्हें पहले ही वाइड लाइन की योजना अपनानी चाहिए थी, जैसा उन्होंने आखिरी गेंद पर किया. टीम कॉम्बिनेशन और चयन पर वे कहते हैं कि कौन खेलेगा यह बैलेंस और फॉर्म पर निर्भर है; अगर एक खिलाड़ी नहीं खेलता तो शायद वे खुद भी न खेलें. पिछला मैच उन्होंने चार विकेट लेकर अच्छा खेला था, लेकिन IPL जैसी लीग में उतार–चढ़ाव सामान्य हैं. पॉवेल मानते है कि किस्मत अभी भी उनके हाथ में है, क्योंकि 8 मैच बाकी है टीम मेहनत कर रही है, आज का मैच भी अच्छा था, बस थोड़ी बदकिस्मती रही कि जीत नहीं पाए. कुल मिलाकर, वे हार से निराश हैं, लेकिन युवा बल्लेबाज़ की शानदार पारी और अपनी टीम के फाइटिंग स्पिरिट को क्रेडिट देते हैं, और भरोसा जताते हैं कि अगर टीम सही तरीके से खेलती रही तो जीतें जल्द ही मिलनी शुरू हो जाएँगी.