एचपीवी टीकाकरण में लापरवाही, 50 से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस: सतना में लक्ष्य पूरा न करने पर बीएमओ, बीईओ सहित कई को चेतावनी – Satna News

एचपीवी टीकाकरण में लापरवाही, 50 से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस:  सतना में लक्ष्य पूरा न करने पर बीएमओ, बीईओ सहित कई को चेतावनी – Satna News




सतना जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में लापरवाही मिलने पर कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई की गई। 9 अप्रैल को हुए टीकाकरण शिविरों में लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण 50 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह द्वारा की गई, क्योंकि कई ब्लॉकों में उपलब्धि 100 से कम रही। चार दिन पहले जारी किए गए थे नोटिस जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह ने करीब चार दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को नोटिस जारी किए थे। 9 अप्रैल को आयोजित टीकाकरण शिविरों में अपेक्षित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। कई ब्लॉकों में टीकाकरण की उपलब्धि 100 से भी कम रही, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। 50 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी घेरे में इस मामले में 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। नोटिस पाने वालों में बीएमओ, बीईओ, बीआरसीसी, सीडीपीओ, बीसीएम और बीपीएम जैसे विभिन्न पदों के अधिकारी शामिल हैं। सोहावल ब्लॉक पर ज्यादा सख्ती सोहावल ब्लॉक में विशेष रूप से कम उपलब्धि मिलने पर यहां के अधिकारियों पर ज्यादा सख्ती की गई है। सीएमओ कोठी संजय सिंह को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। सोहावल ब्लॉक के अलावा सतना शहरी क्षेत्र की 10 एएनएम और एपीएम सुधेश शुक्ला को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन अधिकारियों को थमाए गए कारण बताओ नोटिस सोहावल की बीएमओ डॉ. अलका महोले, बीईओ आयुषी अग्रवाल, बीआरसीसी दिवाकर तिवारी और सीडीपीओ पुनीत शर्मा सहित कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बीसीएम जया सिंह और बीपीएम रविंद्र साकेत भी इस कार्रवाई में शामिल हैं। लक्ष्य पूरा करना ही प्राथमिकता सीईओ शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को ही प्राथमिक लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी और कर्मचारी लक्ष्य पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मामले में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।



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