Last Updated:
Bhopal Metro Work: भोपाल में ऑरेंज मेट्रो लाइन की अंडरग्राउंड टनल का काम रोक दिया गया था. खुदाई की वजह से होने वाले कंपन से जर्जर इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ था. इससे लोग भी काफी डरे हुए थे. अब बताया गया है कि सर्वे रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि निर्माण कार्य जारी रहेगा या नहीं.
रोका गया भोपाल मेट्रो का काम
रिपोर्ट-रमाकांत दुबे
Bhopal Metro Orange Line: मध्य प्रदेश राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना के तहत ऑरेंज लाइन की 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है. यह निर्णय सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. बताया जा रहा है कि मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के सिविल विभाग की विशेषज्ञ टीम ने टनल क्षेत्र का स्ट्रक्चरल सर्वे किया है. इस सर्वे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. शुरुआत में यह आशंका जताई गई है कि टनल निर्माण के दौरान बूस्टिंग प्रक्रिया से आसपास बनी इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है, यहां तक कि उनके गिरने का भी खतरा हो सकता है. इसी संभावित जोखिम को देखते हुए फिलहाल काम पर रोक लगाई गई है.
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा फैसला
अधिकारियों का कहना है कि मैनिट की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाए या उसमें कोई बदलाव किया जाए. फिलहाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं.
पहले अंडरग्राउंड मेट्रो में खुदाई होने के कंपन से रेड सी प्लाजा और शालीमार ट्रेड सेटर के सालों पुराने होने से धराशायी होने के खतरा बढ़ गया था. इसके बाद बिल्डिंग को धराशायी होने से बचाने के लिए लोहे की सेंटिंग लगाई गई. इसके अलावा जो बिल्डिंग जर्जर थीं. उनके ढहने का भी खतरा बढ़ गया. इसी वजह से कई दुकानदारों के धंधे भी ठप्प हुए थे.
अंडरग्राउंड खुदाई से लोगों के मन में बैठा डर
मेन रेल्वे स्टेशन के पास रेड सी प्लासा और शालीमार ट्रेड सेंटर में अंडरग्राउंड मेट्रो से महज 10 मीटर की दूरी पर है. शालीमार ट्रेड सेंटर और रेड सी प्लाजा 40 से 45 साल पुराना प्लाजा है. बिल्डिंग की हालत बेहद जर्जर है. कंपन से गिरने का खतरा काफी हद तक बढ़ गया. प्लाजा में संचालित हो रही दुकानों, भवनों और होटल्स में रोजना हजारों लोग रहते है. अंडरग्राउंड खुदाई से लोगों के मन में डर बढ़ गया. खुदाई के दौरान कंपन से भवनों की वास्तविक स्थित की जानने के लिए दरारों के बीच में स्केल लगाए गए थे. जिससे रियल टाइम मॉनीटरिंग होगी और ज्यादा कंपन होने पर खुदाई की गति को कम या नियंत्रित किया जा सकेगा.
वहीं बाहर सेंसर लगाए है जिससे हर कंपन पर नजर मेट्रो के कंट्रोल रूम में रखी जा रही है. होटल के कर्मचारी का कहना है कि जब से यह सेंटिंग लगी है तब से यात्रियों का आना काम हो गया है होटल को काफी नुकसान हो रहा है होटल में ठहरे यात्री का कहना है कि डर तो लग रहा है लेकिन मजबूरी है इसलिए ठहरना मजबूरी है. अब फिलहाल मेट्रो के काम पर रोक लग गई है.