ड्रिंक एंड ड्राइव ही नहीं, अगर गाड़ी में बैठाए ‘नशेड़ी दोस्त’ तब भी होगा तगड़ा चालान!

ड्रिंक एंड ड्राइव ही नहीं, अगर गाड़ी में बैठाए ‘नशेड़ी दोस्त’ तब भी होगा तगड़ा चालान!


होमताजा खबरऑटोकार

ड्रिंक एंड ड्राइव ही नहीं, अगर गाड़ी में बैठाए ‘नशेड़ी दोस्त’ तब भी होगा चालान

Last Updated:

क्या अब गाड़ी में नशे में बैठे पैसेंजर की वजह से भी आपका चालान कट सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे ने ड्राइवरों की टेंशन बढ़ा दी है. मोटर व्हीकल एक्ट और ट्रैफिक नियमों के मुताबिक आखिर सच क्या है? जानिए कब ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और किन हालात में आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

कार चलाते समय अगर पैसेंजर भी नशे में दिखे, तो चालान हो सकता है.

सड़क पर दुर्घटनाओं को रोकने और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए ट्रैफिक नियमों में सख्ती बढ़ाई जा रही है. हाल ही में वायरल एक इंस्टाग्राम रील में दावा किया गया है कि सड़क सुरक्षा के उपनियम 12 के तहत अगर आप गाड़ी चला रहे हैं और पीछे या साथ बैठे पैसेंजर नशे में हैं, तो ड्राइवर का चालान कट सकता है. ये नियम ड्राइवर की जिम्मेदारी को और बढ़ाता है, क्योंकि नशे में होने वाला पैंसेंजर गाड़ी पर नियंत्रण को प्रभावित कर सकते हैं.

केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (Central Motor Vehicles Rules, 1989) और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 मुख्य रूप से ड्राइवर के नशे में ड्राइविंग पर लागू होती है. इसमें रक्त में 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से ज्यादा अल्कोहल पाए जाने पर पहली बार 10,000 रुपये जुर्माना या 6 महीने तक की जेल, या दोनों हो सकती है.

दोबारा अपराध पर 15,000 रुपये जुर्माना या 2 साल तक कैद का प्रावधान है. लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चित ‘उपनियम 12’ से जुड़े दावे में कहा जा रहा है कि ड्राइवर को न सिर्फ खुद नशे से दूर रहना है, बल्कि नशे में पैसेंजर को भी गाड़ी में नहीं बैठाना चाहिए.

ड्राइवर को डिस्टर्ब कर सकता है पैसेंजर

ट्रैफिक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पैसेंजर नशे में हैं, तो वे ड्राइवर के ध्यान भटका सकते हैं. अचानक हिल-डुल सकते हैं या वाहन नियंत्रण में बाधा डाल सकते हैं. कुछ राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ऐसे मामलों में धारा 177 या 184 के तहत ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराती है, क्योंकि ड्राइवर की ड्यूटी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है.

View this post on Instagram





Source link