दोस्त की बहन पर आया दिल… क्रिकेटर ने धर्म की दीवार तोड़ कर ली शादी

दोस्त की बहन पर आया दिल… क्रिकेटर ने धर्म की दीवार तोड़ कर ली शादी


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दोस्त की बहन पर आया दिल… क्रिकेटर ने धर्म की दीवार तोड़ कर ली शादी

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Ajit Agarkar Love Story: मैदान पर अपनी रफ्तार और स्विंग से बल्लेबाजों के स्टंप उखाड़ने वाले अजीत अगरकर की निजी जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. एक हिंदू ब्राह्मण परिवार का लड़का और एक मुस्लिम लड़की. धर्म की दीवार और समाज की परवाह किए बिना अगरकर ने जिस तरह अपने प्यार फातिमा घड़ियाली का हाथ थामा. वह आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे साहसी और खूबसूरत प्रेम प्रसंगों में गिना जाता है.

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अजीत अगरकर और फातिमा की लव स्टोरी.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसी जोड़ियां हैं जिन्होंने सरहदों और परंपराओं को तोड़कर प्यार की मिसाल पेश की है. इन्हीं में से एक नाम है दिग्गज तेज गेंदबाज और भारतीय क्रिकेट के मौजूदा समय के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का. अगरकर की पहचान मैदान पर एक आक्रामक गेंदबाज की रही है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी की कहानी उतनी ही शांत, गंभीर और अटूट प्रेम से भरी है. यह कहानी शुरू होती है 90 के दशक में, जब अगरकर मुंबई क्रिकेट के उभरते हुए सितारे थे. अजीत अगरकर की फातिमा से पहली मुलाकात उनके एक साथी क्रिकेटर मजहर घड़ियाली के जरिए हुई थी. मजहर और अजीत मुंबई की टीम में साथ थे. मजहर की बहन फातिमा अक्सर अपने भाई का हौसला बढ़ाने के लिए स्टेडियम आया करती थीं. यहीं से अजीत और फातिमा की जान-पहचान शुरू हुई. फातिमा उस दौर में एक मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में करियर बना रही थीं, जबकि अजीत भारतीय टीम के दरवाजे खटखटा रहे थे.

शुरुआत में अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) और फातिया घड़ियाली (Fatima Ghadially) का यह केवल एक सामान्य दोस्ती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह मुलाकातों का सिलसिला गहरे लगाव में बदल गया. फातिमा का सादगी भरा अंदाज और अजीत का शांत स्वभाव एक-दूसरे के पूरक बन गए. साल 1998 में जब अजीत ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा, तब तक उनका दिल फातिमा के लिए धड़कने लगा था. अजीत अगरकर एक मराठी हिंदू पंडित परिवार से ताल्लुक रखते थे, जबकि फातिमा एक मुस्लिम परिवार से थीं. साल 2000 के शुरुआती दौर में अंतरधार्मिक विवाह आज की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण थे. उनके प्यार के बीच न केवल धर्म की दीवार थी, बल्कि समाज के तानों और रूढ़ियों का डर भी था. अजीत के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने परिवार को यह समझाना था कि खेल की तरह दिल के मामलों में भी सीमाएं नहीं होतीं.

अजीत अगरकर और फातिमा की लव स्टोरी.

अजीत और फातिमा 2002 में एक-दूसरे के हमसफर बन गए
कहा जाता है कि अजीत और फातिमा ने बड़े ही धैर्य के साथ अपने-अपने परिवारों से बात की. फातिमा के भाई मजहर जो खुद अजीत के दोस्त थे. उन्होंने इस रिश्ते में एक सेतु का काम किया. आखिरकार, दोनों के सच्चे प्यार की जीत हुई और परिवारों ने इस रिश्ते को अपनी मंजूरी दे दी. 9 फरवरी 2002 को अजीत और फातिमा एक-दूसरे के हमसफर बन गए. उस समय मीडिया की चकाचौंध से बचने के लिए उन्होंने एक बेहद निजी समारोह में शादी की, जिसमें केवल परिवार के लोग और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल थे. हालांकि, बाद में आयोजित किए गए ग्रैंड रिसेप्शन में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों का जमावड़ा लगा, जहां गांगुली से लेकर सचिन तक ने इस जोड़े को आशीर्वाद दिया.

मैदान पर रिकॉर्ड्स और निजी जीवन का संतुलन
अजीत अगरकर का क्रिकेट करियर शानदार रहा है. उन्होंने भारत के लिए 200 से अधिक इंटरनेशलन मैच खेले. वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूची में वे आज भी अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ के बाद तीसरे स्थान पर हैं. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर उनका टेस्ट शतक हो या वनडे में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड, अगरकर ने हमेशा टीम को संकट से निकाला.

अगरकर की लाइफ में पत्नी हमेशा मजबूती बनी रहीं
अजीत अगरकर के सफल क्रिकेट करियर में पत्नी फातिमा घड़ियाली हमेशा जबूती बनी रहीं. फातिमा अक्सर स्टैंड्स में बैठकर अजीत को चीयर करती नजर आती थीं. आज अजीत अगरकर भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता की अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उनकी और फातिमा की यह लव स्टोरी आज भी युवा प्रेमियों के लिए एक प्रेरणा है कि अगर इरादे नेक हों, तो हर बाधा पार की जा सकती है.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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