नीमच के मालाखेड़ा स्थित अफीम तोल केंद्र पर शनिवार को किसानों ने जांच प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों के विरोध के कारण करीब दो घंटे तक अफीम की तुलाई का काम बंद रहा। किसानों का आरोप है कि विभाग द्वारा उनके उच्च गुणवत्ता वाले अफीम को जानबूझकर ‘वॉटर मिक्स’ बताकर अस्वीकार किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पिछले साल तक गुणवत्ता की जांच मशीनों से होती थी, लेकिन इस बार अधिकारी हाथ से अफीम की परख कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाथों से छूकर गुणवत्ता का सटीक आकलन संभव नहीं है। 12 गांवों से आए थे किसान जांच प्रक्रिया के साथ-साथ किसानों ने केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई। रामनगर और बागरेड़ खेड़ा सहित लगभग 12 गांवों से आए किसानों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद पीने के पानी या ठंडक के लिए कूलर जैसे आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए हैं। लाइसेंस पर असर नहीं पड़ेगा इस हंगामे पर अफीम अधिकारी लालाराम दिनकर ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि हाथ से जांच करना एक सामान्य विभागीय प्रक्रिया है, जिसमें हथेली से फिसलने वाली अफीम को ‘वॉटर मिक्स’ माना जाता है। दिनकर ने किसानों को आश्वस्त किया कि इससे उनके लाइसेंस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और विभाग ने सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। हालांकि, किसान पहले मशीन से जांच कराने की अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके कारण केंद्र पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
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