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Sagar Kanpur National Highway: सागर से लगे बहेरिया चौराहे से लेकर मोहरी तक लगभग 42.50 किलोमीटर फोरलेन सड़क का काम पूरा हो गया है. इस सड़क का निर्माण होने से बहेरिया, बामोरा, बड़कुआ, रुसल्ला, खिरिया ताजपुर, मोहली, सिदगुवा, कर्रापुर, केरबना, सिमरिया, छापरी, पिपरिया, सोराई, बंडा ऐसे लगभग 60 गांव की हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी हो गई है.
Sagar News: सागर शहर से लगे बहेरिया चौराहे से लेकर मोहरी तक लगभग 42.50 किलोमीटर फोरलेन का काम पूरा हो गया है. इस खंड की लागत 790 करोड़ बताई जा रही है, जो कंप्लीट हो गया है. वहीं, इसके आगे शाहगढ से बड़ा मलहरा वाले खंड का काम भी लगभग 80% हो गया है. इस तरह से कानपुर तक अलग-अलग खंड में अलग-अलग कंपनी और एजेंसी इस नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही है. नेशनल हाईवे के इस 42 km के खंड का सफर तय करने में 1 घंटे का समय लगता था, अब वह महज 35 से 40 मिनट में पूरा होने लगेगा.
सड़क निर्माण से इतने फायदे
इस सड़क का निर्माण होने से बहेरिया, बामोरा, बड़कुआ, रुसल्ला, खिरिया ताजपुर, मोहली, सिदगुवा, कर्रापुर, केरबना, सिमरिया, छापरी, पिपरिया, सोराई, बंडा ऐसे लगभग 60 गांव की हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी हो गई है. यहां की लगभग 3 लाख जनता के लिए इस सड़क शानदार सड़क का लाभ मिलेगा. इससे आवागमन सुलभ तो हुआ ही है, समय और ईंधन की भी बचत होगी. वाहन में टूट-फूट कम होगी, मार्ग चौड़ीकरण होने से दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी कम रहती हैं.
होटल, रेस्टोरेंट आ गई बाढ़!
सड़क के आसपास होटल, रेस्टोरेंट और पार्कों का निर्माण भी बहुत तेजी से चल रहा है. इसकी वजह से एक तरफ जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ यहां नई कॉलोनी काटी जा रही है. स्कूल भी इस हाईवे के किनारे पहले से ही शुरू हो गए हैं. वहीं यहां की जमीनों के दाम भी अब आसमान पर पहुंच गए हैं. इसके आसपास के एरिया में नए-नए उद्योग यूनिट स्थापित की जा रही है. खासतौर पर यहां कृषि संबंधी उपकरण की यूनिट में कुछ ज्यादा ही लोगों की दिलचस्पी देखी जा रही है. साथ में यहां पर होटल और रेस्टोरेंट भी एकाएक बढ़ गए हैं.
बता दें कि भोपाल से सागर होते हुए कानपुर तक नेशनल हाईवे बनाया जा रहा है. इसे इकोनामिक कॉरिडोर का नाम दिया गया है. इस कॉरिडोर का अलग-अलग खंड में निर्माण चल रहा है. एक तरफ जहां सागर से भोपाल तक तो दूसरी तरफ सागर से कानपुर तक की सड़क का निर्माण किया जा रहा है. इसमें अलग-अलग एजेंसियां अपने-अपने हिस्से का काम देख रही हैं. केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग खंड के लिए ही अलग-अलग समय पर राशि स्वीकृत की जा रही है. उसी के हिसाब से काम चल रहा है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें