3 मैच, 11 ओवर और 0 विकेट… बुमराह बन गए हैं मुंबई इंडियंस की कमजोरी?

3 मैच, 11 ओवर और 0 विकेट… बुमराह बन गए हैं मुंबई इंडियंस की कमजोरी?


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3 मैच, 11 ओवर और 0 विकेट… बुमराह बन गए हैं मुंबई इंडियंस की कमजोरी?

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Jasprit Bumrah poor form: आरसीबी के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले मुंबई इंडियंस के खेमे में जसप्रीत बुमराह के फॉर्म को लेकर चर्चा तेज है. इस सीजन में अब तक 11 ओवरों में एक भी विकेट न लेने वाले बुमराह का बचाव करते हुए बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड ने कहा कि टीम को उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा है और वे डेटा से ज्यादा मैच की परिस्थितियों को महत्व देते हैं. हार की हैट्रिक से बचने के लिए मुंबई को वानखेड़े में बुमराह के जादुई स्पेल की सख्त जरूरत है.

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जसप्रीत बुमराह को आईपीएल में नहीं मिल रहे विकेट.

नई दिल्ली. पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस रविवार की शाम अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मेजबानी करेगी. आईपीएल 2026 के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले मुंबई की टीम दबाव में है. कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ जीत के साथ सीजन का आगाज करने वाली मुंबई को पिछले दो मैचों में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है, जिसके कारण टीम अंक तालिका के निचले हिस्से में खिसक गई है.लेकिन मैच से ज्यादा चर्चा टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के फॉर्म को लेकर हो रही है. जब मुंबई इंडियंस के बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड मीडिया से मुखातिब हुए तो बुमराह के प्रदर्शन और टीम की रणनीतियों पर तीखे सवाल पूछे गए.

जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने इस सीजन के तीनों मैच खेले हैं और टीम के लिए सबसे ज्यादा गेंदबाजी की है, लेकिन उनके नाम के आगे विकेटों का कॉलम अभी भी खाली है. 3 मैचों में 11 ओवर फेंकने के बाद बुमराह ने 88 रन दिए हैं और एक भी विकेट नहीं लिया है. जब पोलार्ड से पूछा गया कि क्या यह मुंबई के लिए चिंता का विषय है, तो उन्होंने दोटूक अंदाज में कहा, ‘कभी-कभी बचाव ही हमले का सबसे अच्छा रूप होता है. हम जसप्रीत बुमराह के विकेट न लेने पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं. हमारे कैंप में बुमराह को लेकर कोई चिंता नहीं है. आप लोग डेटा, गति और विकेटों की बारीकियों में जाते हैं, लेकिन हम क्रिकेट को उस नजरिए से नहीं देखते.

रफ्तार में गिरावट या सोची-समझी रणनीति?
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली 27 रनों की हार के दौरान बुमराह की रफ्तार में कुछ गिरावट देखी गई थी. इस पर पोलार्ड ने तर्क दिया कि हर बार आग का मुकाबला आग से करना सही नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘अगर गेंद मैदान के बाहर 100 नॉट की रफ्तार से जा रही है, तो आप हर बार ताकत का मुकाबला ताकत से नहीं करना चाहते. आपको कुछ अलग आजमाने की जरूरत होती है.’ पोलार्ड के इस बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट बुमराह को एक ‘कंटेनर’ (रन रोकने वाला) के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है.

मिडिल ऑर्डर का सिरदर्द और तिलक वर्मा का फॉर्म
तिलक वर्मा के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, जिसे लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या उनकी बल्लेबाजी पोजीशन (नंबर) में बदलाव इसका कारण है. पोलार्ड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि आधुनिक क्रिकेट में लचीलापन सबसे जरूरी है. उन्होंने साफ किया कि हर खिलाड़ी की जगह बदली जा सकती है. हम किसी एक को खास नंबर तक सीमित नहीं रखने वाले. टीम को उस समय क्या चाहिए, यह सबसे महत्वपूर्ण है. हम यह भी तर्क दे सकते हैं कि सूर्यकुमार यादव ने हमारे और भारत के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी की है और अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए हम पोजीशन पर नहीं, बल्कि मैच की जरूरत पर ध्यान दे रहे हैं.’

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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