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Balaghat ROB News: जब से ब्रिज को आम जनता के लिए खोले जाने के लिए तारीख तय हुई, उसी दिन से सत्ताधारी दल बीजेपी सदस्य पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल और कांग्रेस पार्टी के क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल के बीच फीता काटने की होड़ मच गई. बीते दो दिन से दोनों के समर्थकों के बीच विवाद चलता रहा.
Balaghat News: बालाघाट जिले के वारासिवनी में लंबे इंतजार के बाद एमपी के दूसरे बड़े रेलवे ओवर ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया गया. इस ब्रिज के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक रस्साकस्सी भी देखने को मिली. आनन-फानन में इस ब्रिज को आम जन के लिए खोला गया. उद्घाटन की तारीख तय होते ही आरओबी निर्माण का क्रेडिट लेने की होड़ सी मच गई. भाजपा-कांग्रेस में रार ठन गई. विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को बीचबचाव में आना पड़ा. जानें पूरा माजरा…
क्रेडिट की होड़ ने मचाया हंगामा
जब से ब्रिज को आम जनता के लिए खोले जाने के लिए तारीख तय हुई, उसी दिन से सत्ताधारी दल बीजेपी सदस्य पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल और कांग्रेस पार्टी के क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल के बीच फीता काटने की होड़ मच गई. बीते दो दिन से दोनों के समर्थकों के बीच विवाद चलता रहा. इसके बाद स्थिति संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को आना पड़ा. दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया कि उनके झंडे और पोस्टर हटाकर अपने-अपने पोस्टर और झंडे लगाए गए.
विधायक ने भी लगाए आरोप
इधर, विधायक विवेक पटेल का कहना है कि ये प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, जहां विधायक की गैरमौजूदगी में उद्घाटन किया गया. वहीं, प्रशासन पर भी भेदभाव का आरोप लगाया. साथ ही ये आरोप भी लगाया कि झंडे हटाने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. उनका ये भी कहना है कि जब वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ उद्घाटन करने पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें बल पूर्वक रोकने की कोशिश की. उधर, पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल का कहना है कि यह ब्रिज उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुआ था और भूमि पूजन भी तब ही हुआ था. ऐसे में कार्यक्रम हुआ तब किसी को आने के लिए मना नहीं किया गया.
जनता बोली… लड़के की क्या जरूरत?
वहीं, आम नागरिकों ने इस विवाद पर कहा कि इस रस्साकस्सी की जरूरत नहीं थी. नेताओं को समझदारी के साथ ब्रिज को शुरू करवाना था. ब्रिज किसी के भी कार्यकाल में बना हो वो तो आखिरकार नागरिकों के टैक्स से ही बना है. ये वारासिवनी सहित जिले के लिए गर्व का पल होना चाहिए. बता दें कि इस पुल के बनने से लोगों की मुश्किलें आसान हो गई हैं. अब उन्हें चार किलोमीटर घूम कर जाने की जरूरत नहीं है. अब वह बड़े आराम से इस ब्रिज से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे.
पहले दिन ही दिखा गुटका किंग्स का कमाल
घंटों चली राजनीतिक रस्साकशी के बीच ब्रिज पर गुटका किंग्स ने अपना जादू दिखाया और नया नवेला ब्रिज पर गंदगी देखने को मिली. जहां पर ब्रिज के ऊपरी हिस्से पर गुटके की पीक के निशान देखने को मिले. ऐसे में नए ब्रिज की सुंदरता पर दाग लग गया. लोगों ने कहा कि हमारी ही सुविधा के लिए बना है, तो सुरक्षा और सफाई की भी जिम्मेदारी हमारी ही होनी चाहिए. ऐसे में सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए.
करोड़ों की लागत से बना ROB
विक्रम देशमुख ने बताया, साल 2021 में राष्ट्रीय मास्टर प्लान फॉर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के उद्देश्य हेतु प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना शुरू की गई थी. इसी योजना के तहत रेलवे सुरक्षा के मद्देनजर बालाघाट जिले की गर्रा-बालाघाट, कोसमी, भटेरा, शेरपार (वारासिवनी), अगासी (कटंगी), धानीटोला और वारा रेलवे की मौजूदा रेल रोड क्रॉसिंग को GIS मैपिंग किया गया था. इसी प्रोजेक्ट में 40 करोड़ की लागत से वारासिवनी ओवरब्रिज का निर्माण हुआ है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें