मंगलसूत्र गिरवी रखा था! ठेले वाले ने निगम की अवैध वसूली से तंग आकर लगाई आग

मंगलसूत्र गिरवी रखा था! ठेले वाले ने निगम की अवैध वसूली से तंग आकर लगाई आग


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Bhopal News: घायल आकाश रैकवार की पत्नी कविता ने बताया कि निगम के अफसर उसके पति से एक हजार रुपये रोज देने की मांग कर रहे थे. वह 200-300 रोज कमा रहे थे, तो ऐसे में अधिकारियों को एक हजार रुपये कहां से देते.

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घायल युवक आकाश रैकवार जिला अस्पताल में भर्ती है.

रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के करप्शन से परेशान होकर एक युवक ने खुद को आग लगा ली. युवक का नाम आकाश रैकवार है. वह गंभीर रूप से झुलस गया है. जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित आकाश रैकवार 10 नंबर पर नींबू पानी का ठेला लगाता था. नगर निगम की अवैध वसूली से परेशान होकर शनिवार को उसने खुद को आग लगा ली थी. नगर निगम पर आकाश से हर रोज एक हजार मांगने का आरोप लगा है. आकाश के दो बच्चे हैं. उसकी पत्नी कविता रैकवार ने रोते हुए बताया कि उसने मंगलसूत्र गिरवी रखकर पति को ठेला खुलवाया था. पति अस्पताल में भर्ती है. अब वह अपने बच्चे कैसे पालेगी. निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि एक हजार रुपये रोजाना दो, वरना यहां ठेला लगाने नहीं देंगे. पति 200-300 रुपये रोज कमाते हैं, तो हम उन्हें एक हजार रुपये कहां से दें.

कविता ने कहा कि उनके पति का ठेला जबरन हटाया और तोड़ दिया. उन्होंने नगर निगम के अफसरों के आगे बहुत हाथ-पैर जोड़े लेकिन फिर भी वे नहीं माने. उन्होंने निगम की अधिकारी सृष्टि भदौरिया पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है. कविता ने कहा कि जो ठेले वाले पैसे दे रहे हैं, उन्हें निगम वाले नहीं हटाते हैं. वे लोग पैसे ले जाते हैं और रसीद भी नहीं देते हैं.

मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी कांग्रेस
वहीं इस मामले में कांग्रेस ने कहा अगर इस मुद्दे पर कार्रवाई नहीं हुई और इस तरीके की अवैध वसूली बंद नहीं की गई, तो शहर के पूरे ठेले वालों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि रैकवार परिवार ने बताया कि आकाश सालों से वहां पर ठेला लगा रहा है. 200-300 रुपये की इनकम है और नगर निगम का दस्ता कहता है कि रोजाना एक हजार रुपये दो. वे बोले हैं कि ऊपर तक देना पड़ता है. ये गरीब परिवार अपने बच्चों को कैसे पालेंगे. इनको 10-10 हजार रुपये के लोन मिलते हैं, जिसे वापस करके वह फिर लोन लेते हैं और इसी तरह अपना परिवार पालते हैं.

ठेला तोड़ देता है नगर निगम
उन्होंने कहा कि नगर निगम वाले जब इनका ठेला ले जाते हैं, तो पहले ठेले को तोड़ते हैं, जिससे ठेला फिर से उपयोग में नहीं आए. वह निगम के कमिश्नर और पार्षदों से कहना चाहते हैं कि वे इस पूरे मामले को देखें कि किस तरह के गरीबों को परेशान किया जा रहा है. यह गलत है. सरकार और नगर निगम इन्हें रोजगार देगा, तो ये लोग जगह खाली कर देंगे. छोटा रोजगार करने वालों के लिए ये तो सरकार की स्कीम है. इन्हें रोजगार करने दें. आकाश जब स्वस्थ हो जाएगा, तब हम नगर निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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