मुरैना में रेत माफिया के हमले में शहीद हुए वनरक्षक हरकेश गुर्जर को बैतूल में श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने वर्ष 2016 में बैतूल के वन विद्यालय से प्रशिक्षण लिया था, जिसके चलते इस स्थान का उनके जीवन से गहरा जुड़ाव रहा। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन विद्यालय और ताप्ती रेंज में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर उनके बलिदान को नमन किया। वन विद्यालय बैतूल स्थित शौर्य स्मारक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावुक माहौल रहा। यहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अधिकारियों ने कार्रवाई की मांग की
वक्ताओं ने कहा कि हरकेश गुर्जर ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो वन विभाग के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगा। अधिकारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इसी क्रम में ताप्ती रेंज में भी वन कर्मचारियों ने एकत्रित होकर शहीद हरकेश गुर्जर को श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां भी मौन रखकर उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे शहीद के आदर्शों पर चलते हुए वन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।
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