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साल 2015 का वो मुकाबला, जहाँ चिन्नास्वामी स्टेडियम में रनों की बारिश से ज्यादा चर्चा कीरोन पोलार्ड की उस ‘खामोश बगावत’ की हुई थी, जिसने न सिर्फ क्रिस गेल का ध्यान भटकाया, बल्कि RCB के जबड़े से जीत भी छीन ली
2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी पोलार्ड ने अंपायर्स के खिलाफ प्रोटेस्ट करने के लिए मुंह पर टेप लगाकर मैदान पर उतरे
नई दिल्ली. रविवार को जब वानखेड़े के मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और मुंबई इंडियंस की टीमें मैदान पर उतरी तो लगा सितारों का मेला लग गया है. पुरानी राइवलरी तो दोनों टीमों के बीच है ही क्योंकि दोनों टीमों के पास आज के दौर के दो सबसे बड़े ब्रांड है. हर साल की तरह इस मैच में भी तमाम गहमगहमी के बीच बैंगलुरु ने मैच जीत लिया. वहीं मुंबई के डगआउट में बैठे एक शक्स के चिल्लाते देखकर 11 साल पहले का वो मैच जेहन में आ गया जब वो मुंह पर टेप लगाकर मैदान पर उतरा और मैच का नक्शा बदल दिया था.
क्रिकेट के मैदान पर स्लेजिंग, तू-तू मैं-मैं और गरमागरम बहस तो आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी खिलाड़ी ने अंपायर के टोकने पर अपना मुंह ही टेप से बंद कर लिया हो? जी हां, साल 2015 का वो मुकाबला, जहाँ चिन्नास्वामी स्टेडियम में रनों की बारिश से ज्यादा चर्चा कीरोन पोलार्ड की उस ‘खामोश बगावत’ की हुई थी, जिसने न सिर्फ क्रिस गेल का ध्यान भटकाया, बल्कि RCB के जबड़े से जीत भी छीन ली.
210 रनों का पहाड़ और ‘यूनिवर्स बॉस’ का खौफ
बैंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य बड़ा था, लेकिन मुंबई के खेमे में खौफ था. वजह? सामने क्रिस गेल खड़े थे, जो उस वक्त अपनी ‘प्रचंड फॉर्म’ में थे. अगर गेल क्रीज पर टिक जाते, तो 210 का लक्ष्य भी 17-18 ओवरों में ही बौना साबित हो जाता.
पोलार्ड की ‘चिपकू’ रणनीति और अंपायर की चेतावनी
मुंबई को पता था कि गेल को रोकना है तो उनका ध्यान भटकाना होगा. मिड-ऑन पर तैनात पोलार्ड लगातार गेल के कान में कुछ न कुछ कह रहे थे बात इतनी बढ़ गई कि पोलार्ड एक बार तो गेल का हेलमेट पकड़ हिलाने लगे. मौके की गंभीरता को देखते हुए अंपायर्स को हस्तक्षेप करना पड़ा और पोलार्ड को कड़ी चेतावनी दी गई लेकिन पोलार्ड तो पोलार्ड थे! उन्होंने इस चेतावनी का जवाब ऐसे दिया कि पूरी दुनिया दंग रह गई.
वे डगआउट गए और अपने मुंह पर चौड़ा भूरा टेप (Brown Tape) चिपका कर वापस मैदान पर आ गए. साथी खिलाड़ी से बात करते वक्त पोलार्ड टेप हटाते थे और फिर वो दोबारा लगा लेते थे.
बिखर गई गेल की एकाग्रता
पोलार्ड की इस अजीबोगरीब हरकत ने पूरे स्टेडियम को हंसने पर मजबूर कर दिया, लेकिन गेल के लिए यह ‘माइंड गेम’ भारी पड़ गया गेल, जो अपनी लय में थे, पोलार्ड के इस ड्रामे को देखकर अपनी एकाग्रता खो बैठे. जो गेल गेंदों को बाउंड्री के बाहर पहुंचाते थे, वो उस मैच में 24 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बना पाए.
नतीजा यह हुआ कि रनों की रफ्तार थम गई और बेंगलुरु वो मैच हार गई. मैच के बाद कई दिग्गजों ने पोलार्ड पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, तो कइयों ने इसे खेल की भावना के खिलाफ बताया लेकिन पोलार्ड के लिए तो यह सिर्फ ‘मिशन म्यूट’ था, जिसने मुंबई को जीत दिला दी