20.2 ओवर और नहीं मिला एक भी विकेट, बुमराह की धार कैसे हो गई कुंद

20.2 ओवर और नहीं मिला एक भी विकेट, बुमराह की धार कैसे हो गई कुंद


नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक अजीब सा दृश्य देखने को मिल रहा हैॉ दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों में शुमार जसप्रीत बुमराह अब तक एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं. चार अलग-अलग टीमों के खिलाफ, तीन अलग-अलग मैदानों पर 15 ओवर फेंकने के बावजूद विकेट उनसे दूर भागता नजर आया है लेकिन क्या सच में यह मुंबई इंडियंस के लिए चिंता की बात है, या फिर यह सिर्फ एक तूफान से पहले की शांति है?
कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उनके गेंद की रफ्तार थोड़ी कम नजर आई. साफ था कि वह अपनी पूरी ताकत से गेंदबाज़ी नहीं कर रहे थे. ऐसे में सवाल बड़ा ये है कि क्या बुमराह चोट छिपाकर खेल रहे है या फ्रेंचाइजी के दबाव में फिट ना होने के बावजूद मैदान पर उतरना पड़ रहा है.

धीमी रफ्तार से गेंदबाज़ी

यह समझ में भी आता है अन्य केंद्रीय अनुबंधित भारतीय गेंदबाज़ों के विपरीत, बुमराह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में ज्यादा समय बिताया था वह मुंबई इंडियंस के साथ उनके पहले मैच से ठीक पहले ही जुड़े थे. ऐसे में वह खुद को थोड़ा बचाकर गेंदबाज़ी कर रहे थे. संभव है कि यह CoE की मेडिकल टीम के निर्देश पर हो, या फिर चोट से बचने के लिए उनका खुद का फैसला. जो भी वजह रही हो, उनकी रफ्तार कम थी, लेकिन उनकी गेंदबाज़ी खराब नहीं थी. पहले दो मैचों में उनका इकॉनमी रेट सबसे बेहतर था. हालांकि, गुवाहाटी में वैभव सूर्यवंशी द्वारा उन पर आक्रमण किए जाने के बाद स्थिति थोड़ी संदिग्ध लगने लगी. 15 साल के इस बल्लेबाज़ ने जब पहली ही गेंद पर उन्हें छक्का लगाया, तो उम्मीद थी कि बुमराह आक्रामक रुख अपनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

20.2 ओवर से बिना विकेट

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ भी बुमराह विकेट लेने में असफल रहे. हालांकि इस मैच में उनकी रफ्तार बेहतर दिखी और वह अच्छी लय में नजर आए. विकेट नहीं मिलने के बावजूद वह टीम के सबसे किफायती गेंदबाज़ रहे. IPL 2026 में 15 या उससे ज्यादा ओवर फेंकने वाले गेंदबाज़ों में सिर्फ तीन ही उनसे बेहतर इकॉनमी रखते हैं. फिर भी यह सच है कि विकेट नहीं मिल रहे हैं. बुमराह को विकेट लिए हुए अब 122 गेंदें यानी 20.2 ओवर हो चुके हैं. आखिरी बार उन्होंने IPL 2025 के एलिमिनेटर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ विकेट लिया था. अब सवाल उठता है कि क्या मुंबई इंडियंस को चिंता करनी चाहिए?

पिछली 5 पारियों में बुमराह का प्रदर्शन:

0/40 (4) बनाम पंजाब किंग्स, अहमदाबाद
0/35 (4) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, वानखेड़े
0/21 (4) बनाम दिल्ली कैपिटल्स, दिल्ली
0/32 (3) बनाम राजस्थान रॉयल्स, गुवाहाटी
0/35 (4) बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, वानखेड़े

क्या मुंबई इंडियंस को चिंता करनी चाहिए?

इसका जवाब हां और ना दोनों में है सबसे पहले यह समझना होगा कि बुमराह विकेट क्यों नहीं ले पा रहे हैं. RCB के खिलाफ मैच में उनके इस्तेमाल को देखें. उन्होंने पावरप्ले में चौथा और छठा ओवर फेंका, जब गेंद नई नहीं थी. ऐसे में उन्हें कोई खास मदद नहीं मिली. ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या पहले ही रन खर्च कर चुके थे और विकेट भी नहीं ले पाए थे. इसका मतलब यह है कि बुमराह को रक्षात्मक लाइन और लेंथ पर गेंदबाज़ी करनी पड़ती है. वह विकेट लेने के लिए जोखिम नहीं उठा सकते, क्योंकि ऐसा करने से रन लीक हो सकते हैं. 10 ओवर तक उन्हें गेंदबाज़ी का मौका नहीं मिला. जब वह वापस आए, तब RCB का स्कोर 16 ओवर में 194/3 था और मैच काफी हद तक हाथ से निकल चुका था. एक बार फिर उनका काम सिर्फ रन रोकना था. यानि मुंबई इंडियंस उन्हें विकेट लेने वाले गेंदबाज़ की तरह नहीं, बल्कि संकटमोचक की तरह इस्तेमाल कर रही है ऐसा गेंदबाज़ जो रन गति को धीमा कर सके लेकिन इस प्रक्रिया में वे अपने सबसे घातक हथियार की धार को कुंद कर रहे हैं.

चार मैचों तक बिना विकेट रहना असामान्य जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बुमराह मुंबई इंडियंस के लिए चिंता का विषय हैं. उनकी रफ्तार वापस आ रही है और उनकी सटीकता भी बेहतर दिख रही है यह सिर्फ समय की बात है, जब वह IPL 2026 में फिर से विकेटों की झड़ी लगा देंगे.



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