आगर में चल रहा था अवैध गेहूं खरीदी केंद्र: सरकारी बोरों में भरी जा रही थी उपज, ट्रैक्टर-ट्राली की लगी थी कतार – Agar Malwa News

आगर में चल रहा था अवैध गेहूं खरीदी केंद्र:  सरकारी बोरों में भरी जा रही थी उपज, ट्रैक्टर-ट्राली की लगी थी कतार – Agar Malwa News




आगर मालवा जिले में सरकारी गेहूं खरीदी में अनियमितता का मामला सामने आया है। गुरुवार को ग्राम खजुरी में कार्यपालक मजिस्ट्रेट अरुण चंद्रवंशी ने एक कथित अवैध खरीदी केंद्र पर छापा मारा। यहां गायत्री स्व सहायता समूह द्वारा नियमों का उल्लंघन कर एक निजी मकान के बाहर गेहूं खरीदा जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से 500 से अधिक सरकारी गेहूं से भरे बोरे और 250 से ज्यादा खाली सरकारी बारदान बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, 3 से 4 ट्रैक्टर गेहूं से लदे हुए मिले, जो बड़े पैमाने पर खरीदी का संकेत देते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि समूह के पास खजुरी में गेहूं खरीदी की कोई वैध अनुमति नहीं थी। जानकारी के मुताबिक, संबंधित संस्था को सुसनेर में गेहूं खरीदी की अनुमति मिली थी। लेकिन, सुसनेर में स्लॉट बुक कराकर लगभग 7 किलोमीटर दूर खजुरी में एक समानांतर केंद्र चलाया जा रहा था। यह भी पता चला है कि सुसनेर के निजी वेयरहाउस में कम खरीदी दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी। इस केंद्र पर गेहूं की गुणवत्ता जांच बिना किसी अधिकृत सर्वेयर के किसके द्वारा की जा रही थी, यह भी जांच का विषय है। इसके साथ ही, जिन किसानों ने यहां गेहूं बेचा है, उनके भुगतान और खरीदे गए गेहूं के आगे के उपयोग को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी एमएल मालवीय ने बताया कि संबंधित संस्था सुसनेर वेयरहाउस से संबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेयरहाउस भर जाने के बाद समिति स्तर पर खरीदी की प्रक्रिया जारी रहती है। मालवीय ने दावा किया कि यह कार्य शासन की नीति के तहत किया जा रहा है और किसानों के भुगतान में कोई समस्या नहीं आएगी। फिलहाल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नीति का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



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