23 साल की नौकरी, 25 से ज्यादा ट्रांसफर, 2.57 करोड़ का घोटाला, कौन हैं ये अधिकारी?

23 साल की नौकरी, 25 से ज्यादा ट्रांसफर, 2.57 करोड़ का घोटाला, कौन हैं ये अधिकारी?


Last Updated:

Tahsildar Story| Madhya Pradesh flood scam: यह कहानी एक ऐसे महिला अधिकारी की है, जिसने मेहनत से करियर बनाया, टीवी शो से नाम कमाया, 50 लाख रुपये भी कमाए लेकिन अब गंभीर आरोपों में फंस गईं.अब सलाखों के पीछे हैं.आइए जानते हैं ये महिला अधिकारी कौन हैं और कैसे तहसीलदार बनीं?

ख़बरें फटाफट

Zoom

Tahsildar Story, Sarkari Naukri, mp news, who is KBC winner tehsildar, MP Scam: तहसीलदार अमिता सिंह की कहानी.

Tahsildar Story| Madhya Pradesh flood scam: मध्य प्रदेश की एक महिला तहसीलदार इन दिनों सुर्खियों में हैं. वजह है बाढ़ राहत राशि में कथित घोटाला और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी. उनका नाम है अमिता सिंह तोमर. अमिता सिंह तोमर एक बार तब सुर्खियों में आईं थीं जब उन्‍होंने केबीसी में 50 लाख जीते थे, लेकिन अब एक बड़े केस में अब जेल पहुंच गई हैं. आइए समझते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है, अमिता सिंह तोमर कौन हैं, कैसे तहसीलदार बनीं और अब किन आरोपों में फंसी हैं?

कौन हैं अमिता सिंह तोमर?

अमिता सिंह तोमर मध्य प्रदेश की एक तहसीलदार हैं जो साल 2003 में सरकारी सेवा में आई थीं. शुरुआत में उनका चयन नायब तहसीलदार के रूप में हुआ था. बाद में साल 2011 में उन्हें प्रमोशन मिला और वे तहसीलदार बन गईं.उनका नाम पहली बार 2011 में तब चर्चा में आया था जब उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति (KBC) सीजन-5 में हिस्सा लेकर 50 लाख रुपए जीते थे. इसके बाद वे राज्य में काफी चर्चित हो गईं लेकिन हाल के दिनों में वे किसी उपलब्धि नहीं, बल्कि विवादों और आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं.

23 साल की नौकरी और 25 से ज्यादा ट्रांसफर

अमिता सिंह तोमर का करियर जितना लंबा रहा उतना ही विवादों से भरा भी रहा.2003 से अब तक वह करीब 20 साल से अधिक प्रशासनिक सेवा में रहीं.इस दौरान 10 जिलों में उनकी पोस्टिंग रहीं.कुल 25 से ज्यादा बार ट्रांसफर हुए.यही वजह है कि उन्हें कई लोग ट्रांसफर वाली मैडम के नाम से भी जानते हैं.हाल ही में एक ट्रांसफर के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मदद की गुहार भी लगाई थी.

बाढ़ राहत घोटाला: क्या है पूरा मामला?

मामला साल 2021 का है जब अमिता सिंह तोमर श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात थीं. उसी दौरान बाढ़ राहत के लिए सरकार की ओर से करीब 2.57 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जानी थी.आरोप है कि इस राशि में गड़बड़ी की गई. जांच में सामने आया किकुल 794 लोगों को सहायता राशि दी जानी थी लेकिन इनमें से 127 फर्जी हितग्राही पाए गए.इन फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए.कई खाते तहसील क्षेत्र से बाहर के लोगों के थे यानी राहत के नाम पर पैसे गलत लोगों तक पहुंचाए गए और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ.

कितने लोग आरोपी और कैसे हुई गिरफ्तारी?

इस पूरे मामले में सिर्फ अमिता सिंह तोमर ही नहीं, बल्कि कुल 110 लोग आरोपी बनाए गए हैं. इनमें करीब 25 पटवारी भी शामिल हैं.जांच पूरी होने के बाद अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी. उन्होंने इससे बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली.आखिरकार श्योपुर पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया. अब उनसे इस मामले में पूछताछ भी की जा रही है.

सोशल मीडिया पोस्ट से भी बढ़े विवाद

अमिता सिंह तोमर सिर्फ प्रशासनिक मामलों में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी विवादों में रही हैं.अगस्त 2024 में उन्होंने प्रियंका गांधी को लेकर एक विवादित पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.जब मामला बढ़ा तो उन्होंने सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी की थी जिससे वे राजनीतिक विवादों में भी घिर गईं.

केबीसी से मिली पहचान

अमिता सिंह तोमर को असली पहचान कौन बनेगा करोड़पति से मिली थी जहां उन्होंने 50 लाख रुपए जीते थे. उस समय उन्हें एक होनहार और आत्मविश्वासी अधिकारी के रूप में देखा गया,लेकिन अब बाढ़ राहत घोटाले के आरोपों ने उनकी छवि को बड़ा झटका दिया है.

अब क्या है ताजा स्थिति?

फिलहाल अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है.इस केस में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं, इसलिए आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

About the Author

Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें



Source link