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Mangoes Ripening Tips And Tricks: कई किसान आम को जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे स्वाद और सेहत प्रभावित होती है. पारंपरिक तरीके से को आम को तीन से पांच दिन में पकाया जा सकता है, जिससे स्वाद और गुणवत्ता बेहतर रहती है. जानें कैसे
Mangoes Ripening Tips And Tricks: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र का सुंदरजा आम अपनी खास मिठास और बेहतर पैदावार के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक मशहूर है. इन दिनों आम की फसल धीरे-धीरे पकने लगी है और बाजारों में इसकी मांग भी बढ़ती जा रही है. ऐसे समय में कई किसान जल्दी मुनाफा कमाने के लिए आम को पकाने में केमिकल्स का सहारा लेते हैं. हालांकि, इससे आम जल्दी तैयार तो हो जाते हैं और दिखने में भी आकर्षक लगते हैं, लेकिन स्वाद और सेहत के मामले में ये प्राकृतिक रूप से पके आमों की बराबरी नहीं कर पाते.
इसी बीच, पुराने तरीकों को अपनाने वाले कुछ किसान आज भी बिना किसी रसायन के आम को पकाकर बाजार में उतार रहे हैं. सीधी में बीते 15 साल से ठेला लगाकर आम बेचने वाले बृजलाल गुप्ता ने लोकल 18 को बताया, प्राकृतिक तरीके से आम पकाना न सिर्फ आसान है, बल्कि इससे आम की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. आम को नेचुरल तरीके से पकाने के लिए सबसे जरूरी है कि उसे सही समय पर तोड़ा जाए. जब आम का आकार पूरी तरह विकसित हो जाए और उसका रंग हल्का बदलने लगे, तभी उसे पेड़ से तोड़ना चाहिए.
छूला के पत्तों पर ऐसे रखें आम
आगे बताया, साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आम कहीं से कटा-फटा या खराब न हो. प्राकृतिक तरीके से आम पकाने के लिए छूला के पत्ते और भूसा बेहद कारगर साबित होते हैं. सबसे पहले आम को साफ कर लिया जाता है, फिर उसे छूला के पत्तों से चारों ओर से ढक दिया जाता है. इसके बाद इन आमों को भूसे के बीच इस तरह रखा जाता है कि अंदर बनने वाली गैस बाहर न निकल सके.
पकाने का ये भी तरीका जानें
बृजलाल गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा आम को पुराने अखबार में लपेटकर किसी गर्म स्थान पर भी रखा जा सकता है. अगर आम की मात्रा ज्यादा हो, तो उन्हें कैरेट में भरकर ऊपर-नीचे पेपर बिछाकर ढक दिया जाता है, जिससे अंदर हल्की गर्मी बनी रहती है. इस प्रक्रिया से आम लगभग तीन से पांच दिन में पूरी तरह पक जाते हैं. भूसे में दबाकर आम पकाना भी एक पुराना और असरदार तरीका है, जिससे बिना किसी केमिकल के आम प्राकृतिक रूप से तैयार हो जाते हैं.
मीठे और सेहतमंद भी
इस तरीके से पके आमों की मिठास, रंग और खुशबू तीनों बेहतर होती हैं. साथ ही बाजार में इनकी मांग भी अधिक रहती है और किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं. सबसे अहम बात यह कि प्राकृतिक तरीके से पके आम स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित होते हैं. ऐसे में अगर आप भी आम का असली स्वाद लेना चाहते हैं और सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं, तो केमिकल से दूर रहकर पारंपरिक तरीकों को अपनाना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें