सुबह 9 बजे से पेपर था…पहुंचे 2 बजे, टाइम टेबल से कंफ्यूज हुए छात्र

सुबह 9 बजे से पेपर था…पहुंचे 2 बजे, टाइम टेबल से कंफ्यूज हुए छात्र


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Chhatarpur News: शासकीय महाविद्यालय लवकुश नगर के प्रिंसिपल एचसी अहिरवार ने लोकल 18 से कहा कि छतरपुर जिले के अलावा दूसरे परीक्षा केंद्रों में भी छात्र दोपहर दो बजे से चार बजे में आए हैं. छात्रों द्वारा दिए आवेदन से जानकारी मिली है. उनके आवेदन को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को भेजा जा रहा है.

छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाएं चल रही हैं. इसमें अलग-अलग कोर्स की परीक्षाएं जारी हैं. परीक्षाएं तरीके से संपन्न हो रही थीं लेकिन स्थिति तब खराब हो गई, जब विश्वविद्यालय के टाइम टेबल से छात्र कन्फ्यूज हो गए. दरअसल जिले के शासकीय महाविद्यालय लवकुश नगर एग्जाम सेंटर में बीएससी और बीकॉम सेकंड ईयर की परीक्षा चल रही थी लेकिन जारी हुए नए टाइम टेबल के नोट ने बच्चों को कन्फ्यूज कर दिया. टाइम टेबल के इस नोट में वोकेशनल कोर्स सब्जेक्ट का टाइम टेबल दोपहर दो से चार बजे लिखा गया, जिसे पढ़कर छात्र भ्रमित हो गए और वह सुबह 9 बजे न पहुंचकर दोपहर दो बजे के लिए पहुंचे. हालांकि जब तक पेपर हो गया था. जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी लगी, वे घबरा गए और भावुक होकर रोने लगे. यह भ्रम की स्थिति एक जिले से ही नहीं बल्कि निवाड़ी जिले में भी यूनिवर्सिटी के छात्र कन्फ्यूज हुए हैं.

छात्रा कुमुद सिंह ने लोकल 18 से कहा कि हम सभी छात्र लवकुश नगर के सृजन कॉलेज के बीकॉम सेकंड ईयर के छात्र हैं. हमारी सेकंड ईयर की परीक्षा का एग्जाम सेंटर शासकीय महाविद्यालय लवकुश नगर में था. हमारे कोर्स में कुल 11 स्टूडेंट्स हैं. हमें महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की तरफ से जो टाइम टेबल दिया गया था, उसमें जो पेपर हुए वह सुबह 9 बजे से 12 बजे तक रहते थे. अब जो यूनिवर्सिटी की तरफ से टाइम टेबल मिला, उसमें सबसे नीचे नोट करके लिखा गया है कि आपका जो वोकेशनल पाठ्यक्रम का पेपर होगा, वह दोपहर दो बजे से चार बजे तक रहेगा. हम सभी छात्र आधा घंटा पहले ही आ गए थे. हमारा पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सब्जेक्ट का पेपर था. हमसे बोला गया कि आपका पेपर सुबह 9 बजे से 12 बजे ही था और हमें अंदर भी नहीं जाने दिया. जब अंदर गए, तो इंतजार कराया गया. वे लोग बोले कि प्रिंसिपल से बात हो रही है लेकिन हमें मिलने नहीं दिया गया और न ही पेपर देने को मिला. अब बोल रहे हैं कि आपकी एटीकेटी आ सकती है. आप फेल हो सकते हैं. इसमें विद्यार्थियों की गलती नहीं है. हम चाहते हैं कि हमारा पेपर दोबारा हो, हमारा भविष्य न बिगाड़ा जाए.

भविष्य में नहीं मिलेगी नौकरी
छात्रा निशू भावुक होकर बताती हैं कि हम अपने गांव से लगभग 40 किमी दूर से यहां पेपर देने आते हैं. अगर परीक्षा में एटीकेटी आ जाएगी, तो लाइफ खराब हो जाएगी. हमें नौकरी नहीं मिलेगी. मम्मी-पापा बहुत मेहनत से कमाते हैं.

प्रिंसिपल से मिलने नहीं दिया गया
30 किमी दूर चंदला से आए छात्र शिवम यादव ने कहा कि वोकेशनल कोर्स का पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सब्जेक्ट का एग्जाम था, जिसका टाइम टेबल में नोट करके दोपहर दो बजे से चार बजे लिखा था. हमें पेपर देने को नहीं मिला. घंटों इंतजार करने के बाद हमसे कहा गया कि यूनिवर्सिटी जाकर संपर्क करो, हम पेपर नहीं देने देंगे. हमें प्रिंसिपल से मिलने नहीं दिया गया.

प्रिंसिपल बोले- छात्र भ्रमित हुए
परीक्षा केंद्र बनाए गए शासकीय महाविद्यालय लवकुश नगर के प्रिंसिपल एचसी अहिरवार ने कहा कि छतरपुर जिले के अलावा दूसरे एग्जाम सेंटर में भी बच्चे दोपहर दो बजे से चार बजे में आए हैं. उन्हें इन छात्रों की जानकारी नहीं थी. अभी आवेदन देकर जानकारी मिली है, तो यहां इनके आवेदन को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रेषित कर दे रहे हैं. बीए/बीएससी कोर्स की परीक्षा सारणी सुबह 9 बजे से 12 बजे रहती है. परीक्षा सारणी में नोट करके वोकेशनल कोर्स सब्जेक्ट का टाइम दोपहर दो बजे से चार बजे भी लिखा है. इसी को लेकर छात्र भ्रमित हो गए. दोबारा परीक्षा होगी, यह यूनिवर्सिटी को तय करना है. हम चाहेंगे छात्रों का भविष्य खराब न हो, इसलिए छात्र हित में ही काम करेंगे.

छात्रों में भ्रम की स्थिति
परीक्षा केंद्र अध्यक्ष डॉ संजीव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा जो समय सारिणी जारी की गई है, उसमें एक नोट लगाया है, जिसके चलते छात्रों में भ्रम की स्थिति हुई है. हमारे पास जो प्रश्नपत्र आए थे, उसमें समय सुबह 9 बजे ही दिया था. सुबह पेपर कराया था, जिसमें बच्चे आए भी थे. हालांकि कुछ बच्चे नहीं आ पाए.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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