सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले ज्वेलर, बिल्डर और कारोबारी के परिजनों को जिला कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बीमा कंपनी को ब्याज सहित 3 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। खास बात यह कि तीनों की मौत के मामले में परिवार द्वारा इनके इनकम टैक्स रिटर्न कोर्ट में पेश किए गए। इस पर बीमा कंपनी ने आपत्ति ली कि आय के अन्य प्रमाण पेश नहीं किए गए हैं। इस पर कोर्ट इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब आयकर रिटर्न (IT रिटर्न) उपलब्ध हैं, तो आय के अन्य प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। पहले जानिए क्या है मामला दुर्घटना 25 अक्टूबर 2024 को हुई थी। इंदौर निवासी 30 वर्षीय मो. आसिफ मंसूरी (आर्टिफिशियल ज्वेलरी कारोबारी), 33 वर्षीय अब्दुल मन्नान कुरैशी (बिल्डर), 43 वर्षीय इमरान मंसूरी (कारोबारी) , 44 वर्षीय समीद खान (सुपरवाइजर), 27 वर्षीय मो. जुबेर और 24 वर्षीय मो. ओसामा इनोवा कार से अजमेर से गरीब नवाज के दर्शन कर इंदौर लौट रहे थे। तभी सुबह 6.30 बजे जावदा-नागदा रोड पर कंटेनर ने इनोवा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मो. आसिफ, अब्दुल मन्नान, इमरान मंसूरी और समीद खान की मौत हो गई जबकि मो. जुबेर और मो. ओसामा घायल हो गए थे। मामले में इन 6 लोगों के परिवारों की ओर से कुल 6 अलग-अलग याचिकाएं 9 नवंबर 2024 को जिला कोर्ट में मुआवजे के लिए दायर की गई थी। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 29 अप्रैल एक साथ निर्णय सुनाते हुए सभी मामलों में अलग-अलग मुआवजा देने का आदेश दिया था। पूरा परिवार कारोबारियों पर था आश्रित इन सभी याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट राजेश खंडेलवाल ने तर्क रखे। इसमें मो. आसिफ मंसूरी, अब्दुल मन्नान और इमरान मंसूरी की ओर से उनके तीन साल के आईटी रिर्टन्स के साथ अन्य दस्तावेज पेश किए गए। यह भी बताया कि इन तीनों का अच्छा कारोबार था और वे नियमित इनकम टैक्स भरते थे। इनका परिवार इन पर ही आश्रित था। अब इनकी मौत हो जाने की स्थिति में कारोबार पर गहरा प्रभाव पड़ा है और परिवार की कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं है। 3.90 करोड़ का मुआवजा मांगा मो. आसिफ मंसूरी के परिवार के बारे में बताया गया कि उनकी पत्नी शाईस्ता, 5 वर्षीय बेटा हमजा, मां मुबीना और भाई मो. तौसिफ उन पर ही आश्रित थे। मो. आसिफ की मौत के बाद परिवार के साथ आजीविका की परेशानी हो गई है। उनके परिवार की ओर से 3.90 करोड़ रु. के मुआवजा की मांग की गई। अब्दुल मन्नान के परिवार में पत्नी अजरा, बेटा मो. अर्फ (7), पिता अब्दुल गफ्तार (71) और भाई फरहान (38) उन पर आश्रित थे। इनके परिवार की ओर से भी 3.90 करोड़ रु. मुआवजा की मांग की गई। ऐसे ही इमरान मंसूरी की पत्नी शबाना, बेटा मो. अयान (18) और माहेनूर (15) उन पर निर्भर थे। इनके परिवार की ओर से 2.90 करोड़ रु. की मांग की गई। इसी तरह समीद खान के परिवार में पत्नी अफसाना, बेटा सोहेल (22), जफर (21), जाहिद (19), मां कलसुम बी (75) उन पर ही निर्भर थे। इनकी ओर से 1.90 करोड़ रु. की मांग की गई थी। साक्ष्यों के आधार पर दिया गया निर्णय कोर्ट ने प्रस्तुत दस्तावेजों, विशेष रूप से आयकर रिटर्न और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की। इनमें खास तौर पर मृतक मो. आसिफ मंसूरी के परिवार को 1.06 करोड़ रु., अब्दुल मन्नान के परिवार को 98 लाख रु.और इमरान मंसूरी के परिवार को 65 लाख रु. 6% ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। मृतक समीद खान के परिवार को 15 लाख रु. ब्याज देने के आदेश दिया है। घायल मो. ओसामा द्वारा भी इनकम टैक्स रिटर्न पेश गए गए थे। कोर्ट ने इनके इलाज में खर्च हुए रुपए और अन्य मदों में 14.43 लाख रु. मुआवजा देने का आदेश दिया है। घायल मो. जुबेर को 50 हजार रु. देने का आदेश दिया।
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